‘आयएस’ विरोधी नई योजना के ज़रिए अमरीका अफगानिस्तान समेत पाकिस्तान में भी कार्रवाई करेगी

वॉशिग्टन, दि. १ : इराक और सीरिया समेत अन्य देशों में आतंकी हमले करने की क्षमता रखनेवाले ‘आयएस’ इस आतंकी संगठन के खिलाफ़ अमरीका ने व्यापक योजना बनाई है| अमरीका के रक्षामंत्री जेम्स मॅटिस द्वारा बनाई गई यह योजना सिर्फ इराक और सिरिया तक सीमित नहीं है, ऐसे संकेत अमरीका के रक्षा मुख्यालय पेंटॅगॉन ने दिए हैं| इस योजना के तहत, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में फ़ैलीं ‘आयएस’ की जड़ें उखाड़ दी जायेंगी, ऐसा संदेश अफगानिस्तान स्थित अमरिकी सेना के जनरल जॉन निकोल्सन के बयानों से मिल रहा है|

अफगानिस्तानअल कायदा के साथ साथ, तालिबान और तालिबान का गुट रहे हक्कानी गुट के आतंकी तथा ‘लश्कर-ए-तोयबा’ एवं ‘आयएस’ ये आतंकी संगठन अफगानिस्तान समेत पाकिस्तान में भी सक्रिय हैं| ये पाँच आतंकी संगठन एक दूसरे की सहायता कर रहे हैं और अमरीका के लिए यह बडी चिंता का कारण बना हुआ है, ऐसा जनरल निकोल्सन ने कहा| पाकिस्तान में ‘आयएस’ का प्रभाव नहीं है, ऐसा दावा इस देश के नेता और सेना के अधिकारी कर रहे हैं| लेकिन पिछले महिने से पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों में हुई बढ़ोतरी से अलग ही संकेत मिल रहे हैं| कराची में प्रार्थनास्थल में हुए हमले में ८२ लोगों की मौत हुई थी| इस हमले की ज़िम्मेदारी का स्वीकार ‘आयएस’ ने किया था|

अमरिकी संसद में राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा किए गए भाषण में, ‘आयएस’ को ख़त्म करने की घोषणा की गई थी| साथ ही, रक्षामंत्री मॅटिस ने इसके लिए विस्तृत योजना बनाई है, ऐसा सामने आ रहा है| इस योजना के विवरण का खुलासा फिलहाल नहीं हुआ है| लेकिन इराक और सिरिया से परे जाकर ‘आयएस’ को ख़त्म करने के लिए अमरीका ठोस कदम उठानेवाली है, ऐसी जानकारी पेंटॅगॉन के अधिकारियों ने दी| इस पृष्ठभूमि पर बात करते समय, अफगानिस्तान में तैनात अमरिकी सेना के जनरल जेम्स निकोल्सन ने, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में रहनेवाले ‘आयएस’ और अन्य आतंकी संगठनों के बारे में अमरीका को जो चिंता सता रही है उसके बारे में कहा| इसी वजह से, अमरीका की इस योजना में अफगानिस्तान और पाकिस्तान में ‘आयएस’ विरोधी कार्रवाई शामिल होगी, ऐसा सामने आ रहा है|

आयएस’ के खिलाफ़ कार्रवाई करने के लिए अफगानिस्तान स्थित अमरिकी सेना का इस्तेमाल किया जायेगा और अफगानी सेना की भी मदत ली जायेगी, ऐसा दावा किया जा रहा है| पाकिस्तान में कारवाई करते समय क्या अमरीका अपनी और अफगानिस्तान की सेना का इस्तेमाल करेगी, यह प्रश्न हालाँकि फिलहाल अनुत्तरित है, लेकिन ऐसा हो सकता है, यह अमरिकी रक्षामंत्री की नई योजना से सामने आ रहा है|