हैदराबाद भाग-६

हैदराबाद भाग-६

श्रीशैलम् से हम चले थे और अब हैदराबाद शहर में दाखिल हो भी चुके हैं। वह देखिए, सामनेही एक बहुत विशाल एवं सुंदर वास्तु दिखायी दे रही है। तो अब व़क़्त ज़ाया न करते हुए चलिए, उस वास्तु को देखते हैं। अभी तो हमें पूरा हैदराबाद शहर देखना है। तो आइए, हैदराबाद शहर से अटूट […]

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हैदराबाद भाग-५

हैदराबाद भाग-५

महाशिवरात्रि’ के पावन पर्व पर हमने इस श्रीशैल पर मल्लिकार्जुन शिवलिंग के दर्शन किये। प्रमुख गर्भगृह में स्थित इस शिवलिंग की ऊँचाई आठ अंगुल है ऐसा कहा जाता है। इस प्रमुख मन्दिर की दीवारें पत्थरों से बनायी गयी हैं और उनपर विभिन्न प्रकार के शिल्प, कथाप्रसंग तराशे गये हैं। यहाँ पर मनाये जानेवाले उत्सवों में […]

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हैदराबाद भाग-४

हैदराबाद भाग-४

आज ‘महाशिवरात्रि’ है। हम हैदराबाद शहर में है और यहाँ से कुछ ही दूरी पर है, एक सुविख्यात ज्योतिर्लिंग! तो फिर महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर हम उस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने चलते हैं। ‘श्रीशैलम्’! बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक। ‘नल्लमल्लै’ नाम की पहाड़ियों पर बसा हुआ यह शिवजी का स्थान, जहाँ शिवजी ‘मल्लिकार्जुन’ […]

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हैदराबाद भाग-३

हैदराबाद भाग-३

वह देखिए, ‘हैदराबाद’ शहर के नाम का बोर्ड सामने दिखायी दे रहा है। जी हाँ, हम पहुँच ही चुके हैं ‘हैदराबाद’ में। हैदराबाद शहर में दाखिल होने से पहले हम गोलकोंड़ा की सैर कर आये हैं। आइए, अब आन्ध्रप्रदेश की राजधानी को देखा जाये। लगभग ४००-५०० वर्ष पूर्व इस शहर की नींव रखी गयी, यह […]

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हैदराबाद भाग-२

हैदराबाद भाग-२

वह देखिए, वहाँ ऊँचाई पर दिखायी दे रहा है, वह है ‘गोलकोंड़ा क़िला’! और हमें उसे देखने ही तो जाना है। दूर से दिखायी देनेवाले इस गोलकोंड़ा क़िले की विशालता एवं विस्तृतता पास जाते ही सुस्पष्ट रूप में दिखायी देती है। कई सदियों तक इस क़िले में काफ़ी चहलपहल रहती थी, क्योंकि यहाँ के राजा […]

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हैदराबाद भाग-१

हैदराबाद भाग-१

स्कूल में पढते समय इतिहास में विभिन्न क़िलों तथा राज्यों का वर्णन पढा था। आज कल सब जगह छोटे बडे शहर बनते हुए दिखायी दे रहे हैं, लेकिन इतिहास में यानी पुराने समय में एक बडा राज्य होता था, उस राज्य पर शासन करनेवाला कोई राजा होता था और अधिकतर राजाओं के अधिपत्य में एकाद […]

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गुवाहाटी भाग-८

गुवाहाटी भाग-८

जनवरी महीने के आते ही उत्तरायण की आहट सुनायी देती है। जनवरी में आनेवाली मकरसंक्रान्ति के बाद तो सारी सृष्टि का रूप ही बदलने लगता है। कृषिप्रधान संस्कृति रहनेवाले हमारे भारत के हर एक प्रदेश का इस ऋतु-परिवर्तन के साथ घना रिश्ता है। वैसे देखा जाये तो हमारे अधिकतर त्योहार एवं उत्सव इस ऋतुचक्र से […]

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गुवाहाटी भाग-७

गुवाहाटी भाग-७

भरपूर कुदरती सुन्दरतायुक्त असम प्रदेश में आज भी कई प्रथाओं एवं परंपराओं को जतन किया गया हैं। असम के जनजीवन में ये बातें बड़ी ही अहमियत रखती हैं। मेहमान-नवाज़ी के मामले में मशहूर रहनेवाले असमवासियों की दृष्टि से पान-सुपारी, ‘गमोसा’ नाम का एक वस्त्र और ‘कांस्य’ नामक धातु (मेटल) से बनाया गया ‘क्सोराइ’ नाम का […]

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गुवाहाटी भाग-६

गुवाहाटी भाग-६

चारों तरफ़ हरियाली, उसमें से गुज़रते हुए रास्तें। यह नज़ारा है ‘मानस नॅशनल पार्क’ का। यहाँ दाखिल होने के बाद कई घण्टों तक हम इन्हीं हरे भरे रास्तों से गुज़रते रहते हैं। इन्हीं रास्तों से हम मानस नॅशनल पार्क की सैर करते हैं। काझीरंगा की तरह ‘मानस नॅशनल पार्क’ को देखने के लिए हम हाथी […]

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गुवाहाटी भाग-५

गुवाहाटी भाग-५

काझीरंगा में जिस तरह दिन भर जानवरों की चहल पहल रहती हैं, उसी तरह रात में भी यहाँ पर जानवरों की चहल पहल होती हैं। क्योंकि बाघ जैसे जानवरों का भी यह महत्त्वपूर्ण आवासस्थल है। भारत में घट रही बाघों की संख्या यह फिलहाल एक चिन्ता का मुद्दा बन गया है। ‘काझीरंगा नॅशनल पार्क’ में […]

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