चार दशक में पहली बार स्वीडन के आरक्षित सेनादल का आपातकालीन युद्धाभ्यास

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तर

 २२ हजार आरक्षित सैनिक शामिल

स्टॉकहोम – केवल दो हफ्तों पहले देश की जनता को युद्ध के लिए सज्ज रहने की चेतावनी देनेवाले स्वीडन में चार दशकों के बाद पहली बार अपने आरक्षित सेनादल के साथ आपातकालीन युद्धाभ्यास का आयोजन किया था। बुधवार ६ जून के रोज आयोजित हुए इस युद्धाभ्यास में स्वीडन के होम गार्ड्स का एक भाग होने वाले लगभग २२ हजार आरक्षित सैनिकों का समावेश था। पिछले ४० वर्षों में स्वीडन में ऐसे प्रकार से आरक्षित सेना का अभ्यास किया नहीं गया था। पर अब यह निर्णय स्वीडन को लेना पड़ा इसका अर्थ इसके उपयोग की आवश्यकता स्वीडन को लगने लगी है।

स्वीडन के लष्कर की सज्जता बढ़ाना एवं कार्यक्षमता में सुधार करना यह आपात्कालीन युद्धाभ्यास का प्रमुख उद्देश्य है। स्वीडन के लष्कर में लगभग ५० फ़ीसदी यंत्रणा अभ्यास के लिए एकत्रित आई है। स्वीडन के इतिहास में १९७५ के बाद ऐसी घटना नहीं हुई है, ऐसे शब्दों में स्वीडन के प्रमुख माइकल बाइडन ने बुधवार के आपातकालीन युद्धाभ्यास की जानकारी दी है। स्वीडन के नेशनल डे के पृष्ठभूमि पर यह आपात्कालीन युद्धाभ्यास का आयोजन किया गया है, जिससे बहुत ध्यान केंद्रित करने वाला ठहरा है।

सेनादल

स्वीडन के रक्षा दल में ४४ हजार जवानों का समावेश होकर उस में २२ हजार आरक्षित सैनिक है एवं वह होमगार्ड फोर्स का भाग हैं। युद्ध समय में देश की सामान्य जनता के साथ महत्व के एवं संवेदनशील जगहों की सुरक्षा करना इन होम गार्ड्स की जिम्मेदारी है।

शीत युद्ध के बाद अपने रक्षा खर्च में बड़ी कटौती करनेवाले स्वीडन में सन २०१४ में रशिया ने क्रीमिया में किए आक्रमण के बाद अपनी धारणा में बड़े बदलाव शुरू किए थे। पिछले वर्ष मार्च महीने में स्वीडन में देश के नौजवानों की लष्करी सेवा अनिवार्य करनेवाला विधेयक मंजूर किया गया है। उसके बाद सितंबर महीने में गोट्लैंड भाग में आयोजित के भव्य युद्धाभ्यास में नाटो सदस्य देशों के साथ २० हजार से अधिक सैनिक शामिल हुए हैं। लगभग दो दशक के बाद स्वीडन में इतनी बड़ी तादाद में युद्धाभ्यास का आयोजन हुआ था।

नाटो का सदस्य देश में होने वाले स्वीडन में नाटो के पार्टनरशिप फॉर पिस इस उपक्रम के अंतर्गत नाटो सदस्य देशों से रक्षा सहयोग कायम रखा है। रशिया के बढ़ते आक्रामकता के पृष्ठभूमि पर स्वीडन सरकार ने रक्षा आयोग के मार्गदर्शन स्वतंत्र रिपोर्ट तैयार किया है। इसमें लष्कर के आधुनिकीकरण के लिए प्रतिवर्ष ४० करोड डॉलर के निधि का प्रावधान किया जाए, ऐसी सिफारिश की गई है।

पिछले महीने में स्वीडन सरकार ने देश की जनता को युद्ध के साथ किसी भी प्रकार की आपत्ति के लिए सज्ज रहने ने की चेतावनी देने वाली एक पुस्तिका प्रसिद्ध की थी। उसमें स्वीडिश जनता ने युद्ध के साथ साइबर हमला, आतंकवादी हमला एवं बड़े नैसर्गिक आपत्ती से जूझने की तैयारी शुरू की जाए, ऐसी सूचना दी गई थी। उसके बाद अब आरक्षित सेना दल के लिए आपातकालीन युद्ध अभ्यास का आयोजन करके स्वीडन में संभव संघर्ष के लिए सज्ज रहने की जोरदार तैयारी करने की बात दिखाई दे रही है।

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