आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में सेना के व्यापक सुधार कार्यक्रम को मंजूरी

नई दिल्ली – भारतीय सेना की क्षमता बढ़ाने की दृष्टि से व्यापक सुधार किया जाने वाला है| सेना प्रमुख बिपिन रावत इनके उपस्थिति में शुरू ‘आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस’ में सेना में सुधार की योजना को मंजूरी दी गई है| चीन और पाकिस्तान के सीमा पर चुनौतियां बढ़ते समय सुधार कार्यक्रम कार्यान्वित करने का फैसला इस बैठक में लिया गया है| समय-समय पर जल्द गति से सेना में ये सुधार किए जाएंगे, ऐसी जानकारी वरिष्ठ सेना अधिकारी ने दी है| सेना को भविष्य में संघर्ष के लिए तैयार रहना यह सुधार का उद्देश्य है|

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जागतिक एवं क्षेत्रीय गतिविधियों को देखते हुए भारत के सामने रक्षा विषयक चुनौतियां बढ़ रही है| चीन बड़े तादाद में सीमा पर सैनिकी तैयारी बढ़ा रहा है तथा दूसरी तरफ पाकिस्तान सीमा पर संघर्ष का खतरा कायम है| एकही समय पर दोनों अग्रणीयों पर लड़ने के लिए सेना को तैयार रहना चाहिए, ऐसा इससे पहले भी सेना प्रमुख रावत ने कहा था| इस पृष्ठभूमि पर यह सुधार कार्यक्रम कार्यान्वित होने वाला है|

उसके अनुसार भारतीय सेना में १३ जवानों के मानवसंधान का तथा उपलब्ध साधनों का उपयोग योग्यरूप से होने की तरफ विशेष ध्यान दिया जाएगा| इसके लिए सेना के कमांड की भी पुनर्रचना की जाएगी| प्रशासकीय बदलाव करने के साथ सेना के लिए किए जाने वाले आर्थिक प्रावधान के योग्य नियोजन पर जोर दिया जाएगा|

चार स्तर पर समय-समय से यह सुधार कार्यक्रम कार्यान्वित होने वाला है, पर समय-समय पर सुधार करते समय वह जल्द गति से करने का निर्णय लिया गया है| अधिकारियों के कैडर का पुनरावलोकन भी किया जाने वाला है| सेना के मानवसंधान का पुनर्निर्माण एवं पुनर्रचना पर पहले स्तर में जोर दिया जाएगा| दूसरे स्तर में सेना के मुख्यालय की पुनर्रचना होने वाली है|

भारतीय सैनिकों की भाषा कौशल्य बढ़ाना तथा इस सुधार कार्यक्रम का मुख्य भाग भारतीय भाषाओं के साथ विदेशी भाषाओं का कौशल्य बढ़ाने के लिए कार्य प्रणाली निर्माण की जा रही है|

इससे पहले निवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल डी. बी. शेकटकर इनकी समिति ने सेना में सुधार के लिए कई महत्त्वपूर्ण सिफारिशें की थी| पर इन सिफारिशों को अब तक जारी नहीं किया गया है| सेना में यह सुधार पिछले कई वर्षों से प्रलंबित थे| पर पिछले दो वर्षों में सेना की क्षमता बढ़ाने की दृष्टि से यह सिफारिश जारी करने पर सरकार काम कर रहा है| वरिष्ठ सेना अधिकारी एवं रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों में इस संदर्भ में महत्वपूर्ण बैठक हुई है|

इस सुधार कार्यक्रम की वजह से सेना मानवसंधान नियोजन कर सकता है| तथा इसकी वजह से सेना के आधुनिकीकरण को गति मिलेगी| जिसकी वजह से सेना की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होगी ऐसा दावा किया जा रहा है|