तुर्की की बैंक से रशिया की ‘पेमेंट सिस्टिम’ का इस्तेमाल – छह देशों में रशिया की पेमेंट सिस्टिम सक्रिय

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरइस्तानबुल/मास्को – तुर्की में सबसे बड़ी बैंक के तौर पर पहचाने जानेवाले इस बैंकासी ने रशिया के मीर पेमेंट सिस्टम का उपयोग शुरू किया है| मीर यह रशिया के केंद्रीय बैंक ने स्वतंत्ररूप से विकसित की हुई यंत्रणा होकर अमरिका एवं पाश्चात्य देशों को विकल्प के तौर पर इसे तैयार किया गया है| फिलहाल रशिया के साथ चीन, आर्मेनिया, किर्गिजिस्तान, बेलारूस, कजाकिस्तान इन देशों से इस यंत्रणा का उपयोग किया जाता है| तुर्की के बैंक ने यह यंत्रणा स्वीकारना रशिया तुर्की के सहयोग में महत्वपूर्ण माना जा रहा है|

रशिया ने वर्ष २०१४ में क्रिमिया पर प्राप्त किया कब्जा एवं पूर्व युक्रैन में शुरू संघर्ष की पृष्ठभूमि पर अमरिका तथा यूरोपीय देशों ने बड़ी तादाद में आर्थिक प्रतिबंध की घोषणा की थी| जिसकी वजह से रशिया को अमरिका एवं यूरोप का वर्चस्व होनेवाली यंत्रणा के माध्यम से आर्थिक व्यवहार करने में बाधाएं आ रही थी| जिसकी वजह से रशिया ने स्वतंत्र पेमेंट सिस्टम तथा इस पर आधारित क्रेडिट एवं डेबिट कार्डस् की यंत्रणा विकसित की है| २०१५ में विकसित किए गए इस यंत्रणा का २०१७ वर्ष तक अन्य देशों में उपयोग शुरू करने के लिए रशिया ने पहल की थी|

तुर्की में सबसे बड़े बैंक ने रशियन यंत्रणा का शुरू किया उपयोग इन प्रयत्नों का भाग है| पिछले कई वर्षों में तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष रेसेप तैयब एर्दोगन ने रशिया से नजदीकी करने के लिए गतिविधियां शुरू की थी| सीरिया एवं ईरान के साथ अन्य मुद्दों पर दोनों देशों में सहयोग बढ़ने का चित्र सामने आया था| तुर्की ने अमरिका एवं नाटो का विरोध स्वीकार कर खरीदारी की एस-४०० यह प्रगत हवाई सुरक्षा योजना इस सहयोग में ध्यान केंद्रित करनेवाला स्तर ठहरा है|

अब आगे चलकर तुर्की ने रशिया के साथ आर्थिक सहयोग सक्षम करने के लिए इस देश ने विकसित किए पेमेंट सिस्टम स्वीकारने की तैयारी की है| तुर्की में सबसे बड़ी बैंक होनेवाली इस बैंकासी लगभग १० हजार से अधिक ऑनलाइन व्यापार उपक्रम संभाल रही हैं और इस बैंक की देशभर में ६००० से अधिक एटीएम है| इन सभी से रशिया के मीर पेमेंट सिस्टम का उपयोग किया गया है| इसे व्यतिरिक्त सबसे पुरानी बैंक होनेवाले झिरात बैंक इस बैंक के साथ चर्चा शुरू होने की जानकारी रशियन अधिकारी ने दी है|

पिछले दो महीनों में रशिया ने अमरिका के साथ पाश्चात्य देशों के बैंकिंग तथा पेमेंट सिस्टम को चुनौती देने के लिए जोरदार गतिविधियां शुरू करने की बात सामने आ रही है| भारत के साथ रशिया, चीन, ब्राजील, एवं दक्षिण अफ्रीका अग्रणी के वित्त व्यवस्थाओं का समावेश होनेवाले ब्रिक्स गुटने स्वतंत्र पेमेंट सिस्टम विकसित करने का निर्णय लेने की खबर रशियन प्रसार माध्यमों ने लिखी थी| इसके पीछे रशिया का पहल होने की बात स्पष्ट हुई थी|

इसके बाद रशिया ने मीरपे नाम की ‘कांटेक्टलेस पेमेंट सर्विस’ शुरू करने की बात घोषित की थी| यह सेवा अमरिका में गूगल एवं एप्पल जैसी कंपनियों ने विकसित किए पेमेंट सिस्टम को चुनौती होने की बात कही जा रही है|