रशिया पाकिस्तान की नजदीकी बढी; उच्च स्तरीय सुरक्षा विषय की चर्चा संपन्न

मॉस्को/इस्लामाबाद: रशिया और पाकिस्तान में पहली बार उच्चस्तरीय सुरक्षा विषय की चर्चा हुई है। इसके लिए पाकिस्तान के सुरक्षा सलाहकार नासिर खान जंजुआ रशिया दौरे पर थे इस चर्चा में रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु शस्त्र, साइबर और गोपनीय जानकारी के आदान-प्रदान करने के मुद्दे का समावेश रहा। कुछ दिनों पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने रशिया से लड़ाकू विमान और अन्य रक्षा साहित्य की खरीदारी के बारे में सीधी चर्चा शुरू करने की बात कही थी। इसकी वजह से शीत युद्ध के समय में दुश्मन रहे यह देश फिलहाल सहयोग बढाते दिखाई दे रहे है।

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रशिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार निकोलाई पत्रुशेव्ह और पाकिस्तान के सुरक्षा सलाहकार नासिर खान जंजुआ ने सोमवार के दिन चर्चा की है। जंजुआ के साथ पाकिस्तान का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी रशिया में दाखिल हुआ था। इस चर्चा में रक्षा साहित्य के प्रदान करने पर भी चर्चा होने का वृत्त है। दोनों देशों में विकसित हो रहा यह सहयोग भारत के लिए चुनौती होने का दावा किया जा रहा है। रशिया यह भारत का रक्षा साहित्य का सबसे अधिक प्रदान करने वाला भरोसेमंद मित्र देश है। पर बदलते जागतिक परिस्थिति के अनुसार भारत ने अमरिका के साथ सहयोग बढ़ाने से रशिया की भूमिका में बदलाव होने की बात दिखाई दे रही है।

पिछले कई वर्षों से रशिया ने पाकिस्तान को रक्षा साहित्य प्रदान करने की तैयारी दर्शाई है। भारत को इशारा देने तक यह सहयोग मर्यादित होगा। एक मर्यादा के पार जाकर रशिया भारत के विरोध में भूमिका नहीं लेगा, ऐसा कई विशेषज्ञों का कहना है। पर रशिया चीन एवं पाकिस्तान को कर रहा सहयोग भारत की चिंता में बढ़ोतरी करने वाला है। पर यह सहयोग भारत के विरोध में नहीं है। अफगानिस्तान में आयएस के विरोध में रशिया पाकिस्तान से सहयोग लेने का खुलासा रशिया से किया जा रहा है।

शीतयुद्ध के समय में पाकिस्तान के पीछे अमरिका थी, तथा रशिया भारत को सहयोग कर रहा था। पर अब परिस्थिति बदल गई है और रशिया ने पाकिस्तान को अनुकूल होने वाली भूमिका की दिशा से कदम उठाने शुरू किये है।

ऊपरी तौर पर द्विपक्षीय सहयोग होने की बात दिखाई दे रही है। फिर भी रशिया इस गतिविधियों द्वारा भारत पर दबाव डालने का प्रयत्न कर रहा है, ऐसी बात सामने आ रही है। पर भारत ने रशिया को समय-समय पर आश्वस्त किया है और दूसरा किसी भी देश भारत के लिए रशिया की जगह नहीं ले सकता, ऐसी गवाही भारत में रशिया को लगातार दी है। मॉस्को में हुई रशिया और पाकिस्तान की सुरक्षा विषयक चर्चा की पृष्ठभूमि पर बीजिंग में रशिया के विदेश मंत्री सर्जेई लाव्हरोव्ह ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ और रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर से भेंट की है।