यूरोपिय संसदीय चुनाव की पृष्ठभूमि पर – राष्ट्रवादी गुटों का नेतृत्व करेंगे इटली के मॅटिओ सॅल्व्हिनी

Third World Warमिलान: ‘हमारा लक्ष्य जीत कर यूरोप का हुलिया बदलना है’, इन शब्दों में इटली के आक्रामक और अटल राष्ट्रवादी नेता के तौर पर पहचाने जा रहे मॅटिओ सॅल्व्हिनी इन्होंने सोमवार के दिन राष्ट्रवादी गुटों के नए गठबंधन का ऐलान किया|

‘यूरोपियन अलायन्स ऑफ पीपल ऍण्ड नेशन्स’ यह इस गठबंधन के लिए नाम दिया गया है और सोमवार को हुए कार्यक्रम के दौरान जर्मनी, डेन्मार्क और फिनलैंड के राष्ट्रवादी विचाराधारा रखनेवाले गुटों के नेता उपस्थित रहे| इस गुट में लगभग १५ दल शामिल हुए है और नजदिकी समय में और भी नए गुट और दल इस गठबंधन में शामिल हो सकते है, ऐसे संकेत सॅल्व्हिनी इन्होंने दिया है|

यूरोपिय संसदीय, चुनाव, पृष्ठभूमि, राष्ट्रवादी गुटों, नेतृत्व करेंगे, इटली, मॅटिओ सॅल्व्हिनीयूरोप में दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी विचारधारा के सियासी गुटों का दायरा गिनेचुने देशों तक सीमित नही रही है| यूरोपीय महासंघ के एकल कारोबार पर नाराजगी, शरणार्थियों के झुंड एवं इस्लामधर्मियों का विरोध इन तीन मुद्दों पर विकसित हो रहा दक्षिणपंथी विचारधारा का राष्ट्रवाद पैर यूरोप के कोने कोने में जमना शुरू हुआ है| वर्ष २०१६ से यूरोपीय देशों में हुए अधिकांश चुनावों में दक्षिणी विचाराधारा के राष्ट्रवादी दलों को अच्छी सफलता प्राप्त होती दिखाई दे रही है| इस सफलता का सिलसिला मई महीने में हो रही यूरोपीय संसद में बरकरार रखने के उद्देश्य से राष्ट्रवादी गुटों का गठबंधन बनाने की कोशिश हो रही है|

फिलहाल यूरोप के संसद में दक्षिणपंथी एवं राष्ट्रवादी विचारधारा के दलों का प्रतिनिधित्व करनेवाले तीन गुट है| ‘युरोप ऑफ नेशन्स ऍण्ड फ्रीडम’, ‘युरोपियन कॉन्झर्व्हेटिव्हज् ऍण्ड रिफॉर्मिस्टस्’ एवं ‘युरोप फॉर डायरेक्ट डेमोक्रसी’ इन तीनों गुटों में से ‘युरोप ऑफ नेशन्स ऍण्ड फ्रीडम’ यह सबसे बडा गुट है और इस गुट में आठ देशों के सियासी दल एवं ३७ सांसद शामिल है| इस गुट में फ्रान्स के ‘नैशनल रैली’ एवं ऑस्ट्रिया की सत्तारूढ ‘ऑस्ट्रियन फ्रीडम पार्टी’ भी शामिल है और इन दोनों दलों ने सॅल्व्हिनी इनके नए गठबंध को समर्थन दिया है|

‘युरोपियन कॉन्झर्व्हेटिव्हज् ऍण्ड रिफॉर्मिस्टस्’ गुट का हिस्सा बने ‘डैनिश पीपल्स पार्टी’ एवं ‘ट्र्यू फिन्स’ इन दलों के नेता भी सोमवार की बैठक के लिए उपस्थित रहे| जर्मनी में प्रमुख विपक्ष रहे अल्टरनेटिव्ह फॉर जर्मनी’ (एएफडी) दल ‘युरोप ऑफ फ्रीडम ऍण्ड डायरेक्ट डेमोक्रसी’ का हिस्सा है और इस दल के सांसद भी सॅल्व्हिनी ने बुलाई बैठक के लिए उपस्थित थे| यूरोपीय संसद के चुनाव के बाद ‘यूरोपियन अलायन्स ऑफ पीपल ऍण्ड नेशन्स’ यह नया गुट संसद में सबसे बडा, प्रभावी एवं आक्रामक गुट के तौर पर सामने आएगा, यह विश्‍वास सॅल्व्हिनी इन्होंने इस दौरान व्यक्त किया|

सॅल्व्हिनी इन्होंने गठित किए इस गठबंधन में शामिल हो रहे दलों का उद्देश्य एवं नीति कुछ तादाद में एक दुसरे के खिलाफ है, फिर भी शरणार्थि, इस्लामधर्मियों का वर्चस्व और महासंघ के कारोबार के मुद्दे पर यह गठबंधन बरकरार रहेगा, यह समझा जा रहा है| यूरोपीय संसद में यह सबसे बढा गठबंधन साबित होता है तो महासंघ की नीति में बडी तादाद में बदलाव किए जाएंगे, यह संकेत इस गठबंधन का हिस्सा बने दलों ने पहले ही दिए है| पिछले कई वर्षों से कायम रही नीति में बदलाव हुआ तो महासंघ की व्यवस्था को बडे झटके लग सकते है|

‘ब्रेक्जिट’ की वजह से महासंघ में बनी नाराजगी को पहले ही बढावा मिल रहा है और अब प्रमुख सदस्य देशों में भी महासंघ से बाहर होने के लिए गतिविधियां शुरू हुई है| इस पृष्ठभूमि पर नीति में होता बदलाव महासंघ के टुकडे होने का कारण बन सकता है| यह महासंघ पिछले कई दशकों से यूरोपीय देशों की एकता दा प्रतिक माना जा रहा था| इसके टुकडे होना यूरोप की ताकद एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव कम होने का कारण होगा| इसका बडा असर जागतिक गणितों पर हो सकता है| इस वजह से सॅल्व्हिनी का गठबंधन एवं उसकी सफलता सिर्फ यूरोप के लिए ही नही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए निर्णायक साबित होगा, यह संकेत प्राप्त हो रहे है|