अफगानिस्तान से अमरिकी सेना की वापसी से जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा को खतरा – पूर्व पुलिस महानिदेशक द्वारा चेतावनी

पुणे – अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने सीरिया और अफगानिस्तान से अमरिकी सेना की वापसी करने की तैयारी की है| यदि अमरिकी सेना की अफगानिस्तान से वापसी हुई तो जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा पर प्रतिकूल परीणाम हो सकता है, यह चेतावनी इस राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक के.राजेंद्र कुमार इन्होंने दी है| भारत इस बात की ओर ध्यान दे और इस संबंधी स्पष्ट नीति का स्वीकार करे, यह मांग राजेंद्र कुमार इन्होंने रखी है|

अमरिका से सेना वापसी के संकेत प्राप्त होने के बाद पाकिस्तान और चीन ने अफगानिस्तान के विषय पर तुरंत बैठक का आयोजन किया| चीन में हुई इस बैठक के लिए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरेशी शामिल हुए थे| उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वैंग ई इन के साथ चर्चा की| इस चर्चा में अफगानिस्तान से अमरिकी सेना की वापसी का मुद्दा अहम रहा| अमरिकी सेना वापसी के बाद अफगानिस्तान के मुद्दे पर सहमती से नीति कार्यान्वित करने का ऐलान भी पाकिस्तान और चीन के विदेश मंत्रियों ने किया|

सोव्हिएत रशिया ने १९८९ में अफगानिस्तान से सेना की वापसी की थी| इसके बाद अफगानिस्तान का नियंत्रण पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त हुए तालिबान के हाथ गया था| इसका पुरा लाभ उठाकर पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का कुहराम मचाया था| अब अमरिका अफगानिस्तान से सेना हटाने की बात कर रही है, ऐसे में पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकी गतिविधिया बढाने की कडी संभावना है| इस पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक के.राजेंद्र कुमार ने ध्यान आकर्षित किया है| अमरिका की सेना वापसी यानी अपनी जीत है, यह अफगानिस्तान की आतंकी संगठनों की समझ हो सकती है| अब भारत को भी पराजित करना संभव है, इस समझ में यह आतंकी भारत को लक्ष्य कर सकते है, इस ओर राजेंद्र प्रसाद ने ध्यान केंद्रीत किया है|

इसी वजह से जम्मू-कश्मीर के आतंकियों को रोकने के लिए भारत स्पष्ट नीति तय करके उसे कार्यान्वित करे, यह राजेंद्र प्रसाद इन्होंने कहा है|