‘आरबीआई’ ने रेपो रेट में की ०.२५ प्रतिशत कटौती

मुंबई – रिझर्व्ह बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई)ने गुरूवार के दिन रेपो रेट में ०२५ प्रतिशत कटौती की| इस वजह से गृह एवं वाहन कर्ज सस्ता होगा| साथ ही ‘आरबीआई’ ने किसानों को दिए जा रहे बिना गारंटी से प्राप्त हो रहे लोन की मात्रा बढाकर बडा दिलासा दिया है| अब किसानों को १ लाख ६० हजार रुपयों का कर्ज बिना गारंटी से प्राप्त हो सकेगा| ‘आरबीआई’ ने ब्याज दरों में की हुई इस कटौती का उद्योग जगत ने स्वागत किया है और यह निर्णय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए फायदेमंद रहेगा, यह विश्‍वास कारोबारियों की ‘सीआईआई’ संगठन ने व्यक्त किया है|

आरबीआई ने गुरूवार के अपनी माॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक में ‘रेपो’ रेट में ०.२५ प्रतिशत की कटौती की| इस वजह से रेपो रेट ६.५ प्रतिशत से ६.२५ प्रतिशत हुआ है| साथ ही आरबीआई ने रिव्हर्स रेपो रेट में भी उतनीही कटौती की है| इससे रिव्हर्स रेपो रेट ६ प्रतिशत हुआ है| महंगाई में गिरावट होने से आरबीआई ने यह निर्णय किया है| मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी के छह से चार सदस्यों ने रेपो रेट में कटौती का समर्थन किया| उसके बाद रेपो रेट में कटौती करने का निर्णय होने की जानकारी आरबीआई गव्हर्नर शक्तिकांत दास इन्होंने दी|

वर्ष २०१९-२० के आर्थिक वर्ष में राष्ट्रीय सकल उत्पाद दर (जीडीपी) ७.४ प्रतिशत रहेगा, यह अंदाजा भी आरबीआई ने व्यक्त किया है| आरबीआई ने किसानों को भी बडा दिलासा दिया है| किसानों को दिए जा रहे बिना गारंटी के लोन की सीमा १ लाख रुपयों से बढा कर १.६० लाख कर दी गई है| इस वजह से किसानों को बीज, खाद एवं कीटनाशक दवांईयां खरीदी करने में और भी आसानी होगी| इस खरीदी के लिए किसानों को लोन की जरूरत रहती है| भारत जैसे देश में किसानों को खेती के लिए आर्थिक सहायता की काफी जरूरत रहती है|

यह बातें ध्यान में रखकर किसानों को बिना गारंटी दिए जा रहे लोन की सीमा बढाई गई है| फिलहाल अर्थव्यवस्था को इसी प्रकार की बढावे की जरूरत होने का दावा करके ‘सीआईआई’ ने रिझर्व्ह बैंक ने किए इस निर्णय का स्वागत किया और इससे मांग में बढोतरी होगी एवं निवेश के लिए जरूरी उत्साह से भी बाजार भर जाएगा, यह विश्‍वास भी व्यक्त किया है|