राफाएल विमान गेम चेंजर होगा – वायुसेना प्रमुख की चेतावनी का विश्वास

नई दिल्ली: भारत फ्रान्स से खरीदारी कर रहे राफाएल लड़ाकू विमान बेहतर होकर भारतीय उपखंड में यह विमान गेम चेंजर होगा, ऐसा वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ ने कहा है। इन विमानों की खरीदारी के बारे में उपस्थित किए जानेवाले प्रश्नों की पृष्ठभूमि पर वायुसेना प्रमुख ने किया खुलासा महत्वपूर्ण है। चीन और पाकिस्तान जैसे देश अपने वायु सेना की क्षमता में बढ़ोतरी करते समय भारत को राफाएल जैसे अति प्रगत लड़ाकू विमानों की आवश्यकता थी, ऐसा वायुसेना प्रमुख ने इससे पहले भी कहा था।

राफाएल, विमान, गेम चेंजर, होगा, वायुसेना प्रमुख, चेतावनी, विश्वास, भारत, सरकारफ्रान्स से भारत को मिल रहे राफाएल विमानों के पैकेज सर्वोत्तम है। इन लड़ाकू विमानों का बहुत बड़ा लाभ वायुसेना को होगा। भारतीय उपखंड का विचार करें तो राफाएल विमान गेम चेंजर ठहरेंगे, ऐसे शब्दों में वायुसेना प्रमुख ने इन विमानों का महत्व रेखांकित किया है। उस समय इन विमानों का निर्माण करने वाले डैसॉल्ट इस फ्रेंच कंपनी के भारतीय साझेदारी के चुनाव के पीछे सरकार एवं वायुसेना का हाथ नहीं था, ऐसा खुलासा भी वायुसेना प्रमुख धनोआ ने किया है। इस बारे में पिछले कई दिनों से गंभीर आरोप किए जा रहे थे। फ्रान्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति फ्रैंकोइस होलांदे ने इस व्यवहार के संदर्भ में किए विधान की वजह से इन आरोपों की तीव्रता अधिक बढ़ी थी।

भारतीय वायुसेना पर एक ही समय पर चीन एवं पाकिस्तान का सामना करने का समय आया तो, उसके लिए ४२ स्क्वाडर्न इतने बड़े तादाद में लड़ाकू विमानों की आवश्यकता है। एक स्क्वाडर्न में लगभग १८ लड़ाकू विमान होते हैं। पर फिलहाल वायुसेना के बेड़े में ३२ स्क्वाड्रन लड़ाकू विमान है। सन २०२१ वर्ष तक भारतीय वायुसेना से २२० जंगी विमान निवृत्त होने वाले हैं। यह बात ध्यान में लेते हुए भारतीय वायुसेना से रक्षा मंत्रालय को लगातार लड़ाकू विमानों की खरीदारी की मांग की जा रही थी।

इस पृष्ठभूमि पर लड़ाकू विमानों के खरीदारी का निर्णय भी हुआ है एवं राफाएल विमानों की खरीदारी निश्चित हुई थी। पर इस बारे में किए करार पर समझौते मैं देरी होने की वजह से वायुसेना के सामने चुनौतियां अधिक बढ़ रही थी। इस पृष्ठभूमि पर सन २०१५ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इनके फ्रान्स दौरे में ३६ राफाएल विमानों की खरीदारी का निर्णय हुआ है। यह करार जी-टू-जी अर्थात दो देशों के सरकार में हुआ है। एवं उसके अनुसार फ्रान्स ने भारत को जल्द से जल्द राफाएल विमान प्रदान करने की मंजूरी दी है।

यह विमान भारतीय वायुसेना के लिए अत्यावश्यक होकर भारत के रक्षा विषयक जरूरतें ध्यान में लेकर इन विमानों का निर्माण किया जाने वाला है। तथा यह ३६ राफाएल विमान शस्त्र से सुसज्जित होने से, आवश्यक जगहों पर वायुसेना उनकी तैनाती कर सकता है, ऐसा सामरिक विश्लेषकों का कहना है।