अमरिका से अरबों डॉलर्स लूटकर भी पाकिस्तान ने अमरिका के लिए कुछ नही किया – राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प

वॉशिंगटन/इस्लामाबाद – अमरिका से अरबो डॉलर्स ऐंठने के बाद भी पाकिस्तान ने अमरिका के लिये अल्प मात्रा में भी काम किया नही है| उल्टा अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सेना की अकैडमी के पास पूरी तरह सुख में रह रहा था, इन कडे शब्दों में अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने पाकिस्तान को लक्ष्य किया है| इस पर पाकिस्तान से प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है और ट्रम्प यह अफगानिस्तान में मिली असफलता के लिये पाकिस्तान को जिम्मेदार ना बताए, यह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इम्रान खान इन्होंने कहा है| साथ ही अमरिका के आतंक विरोधी जंग में पाकिस्तान जैसा त्याग करने वाले अन्य किसी दुसरे देश का नाम ट्रम्प इन्हें बताना संभव है क्या, यह सवाल भी इम्रान खान इन्होंने किया है|

एक अमरिकी न्यूज चैनल से बात करते समय राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने आतंक विरोधी जंग में पाकिस्तान ने अब तक किये विश्‍वासघात के उपर कठोरता से प्रहार किया| पाकिस्तान ने अबतक अमरिका से सालाना १.३ अरब डॉलर्स की सहायता प्राप्त की है| लेकिन, इस के बदले में पाकिस्तान ने अमरिका लिये जरा भी काम नही किया है, ऐसा कहकर अपने प्रशासन ने पाकिस्तान की आर्थिक सहायता रोकने के विषय में लिये निर्णय का समर्थन किया| आतंक विरोधी जंग में पाकिस्तान अमरिका के नही, बल्कि आतंकियों के पक्ष में खडा रहा, यह लांछन लगाकर राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में ही छिपा था, यह दाखिला दिया| पाकिस्तान की मिलिटरी अकैडमी के बाजू में ही लादेन बडी सुख में रह रहा था| पाकिस्तान में सभी यह जानते थे, यह आरोप राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने किया|

पाकिस्तान की कठोरता से आलोचना करके ट्रम्प इन्होंने लादेन को काफी पहले खत्म करना मुमकिन होता, यह दावा किया और लादेन के विरोध में अबोटाबाद में की नेव्ही सील की लष्करी कार्यवाही का नेतृत्त्व जिसने किया उस मॅकरॅवन इनकी भी आलोचना की| विल्यम मॅकरॅवन यह हिलरी क्लिंटन इनके फैन और पूर्व राष्ट्राध्यक्ष बराक ओबामा इनके समर्थक है, ऐसी टिप्पणी भी राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इन्होंने की| मॅकरॅवन इन्होंने ट्रम्प ने की आलोचना को जवाब भी दिया है| मैं किसी का भी समर्थक नही हुं, यह स्पष्टीकरण मॅकरॅवन इन्होंने किया है| साथ ही पाकिस्तान से भी ट्रम्प इन्होंने किये आरोपों के विरोध में जवाब दिए जा रहे है| प्रधानमंत्री इम्रान खान ने ट्रप्म इनके उपर जवाबी वार करने की कोशिश की है|

अमरिका ने शुरू की हुई आतंक विरोधी जंग में अबतक पाकिस्तान के ७५ हजार लोगों की बलि गई है और पाकिस्तान ने १२३ अरब डॉलर्स भी गंवाये है| इस तुलना में अमरिका के प्राप्त हुए २० अरब डॉलर्स काफी मामुली है, यह इम्रान खान इन्होंने सोशल मीडिया पर की कमेंट में कहा है| आतंक विरोधी जंग में इतना त्याग करने वाले अन्य किसी दुसरे सहयोगी देश का नाम अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प बता सकेंगे क्या, यह सवाल प्रधानमंत्री इम्रान खान इन्होंने किया है|

साथ ही अमरिका को अफगानिस्तान में असफलता के लिये पाकिस्तान को जिम्मेदार बताया जा रहा है, यह भी प्रधानमंत्री इम्रान खान इन्होंने कहा है| नाटो के १ लाख ४० हजार जवान और अफगानिस्तान के २ लाख ५० हजार सैनिक मिलकर १ लाख करोड डॉलर्स खर्च करके भी अमरिका अफगानिस्तान में तालिबान को रोकने में क्यों सफल नही हो सकी, बल्कि अफगानिस्तान में तालिबान का सामर्थ्य क्यो बढ रहा है, यह सवाल भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने किया है| इसी दौरान पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री शिरिन मझारी इन्होंने भी ट्रम्प इन्होंने की हुई आलोचना पर तीव्रता से नाराजगी जताई है| पाकिस्तान में अमरिका के पक्ष में खडे रहनेवाले नेताओं के लिये ट्रम्प इन्होंने की हुई आलोचना बडा सबक है, यह दावा भी मझारी इन्होंने किया है|