एक गलत कदम से भी शांति खतरे में आएगी – ऑस्ट्रेलिया को चीन की स्पष्ट चेतावनी

Third World Warबीजिंग/कैनबरा – ‘साउथ चाइना सी’ क्षेत्र में अमरिका के साथ नौसेना सहकार्य बढाने वाले ऑस्ट्रेलिया को चीन ने चेतावनी दी है। ‘अमरिका का साथ देने वाला ऑस्ट्रेलिया चीन विरोधी ‘शीतयुद्ध’ में शामिल न हो। इस वजह से चीन और ऑस्ट्रेलिया की शांति खतरे में आएगी’, ऐसी चेतावनी चीन के सरकारी मुखपत्र ने दी है। पछले हफ्ते में ही ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री बने ‘स्कॉट मोरिसन’ पर दबाव बढाने के लिए चीन ने यह चेतावनी दी है।

पिछले हफ्ते अमरिका के सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने एक रेडियो को दिए साक्षात्कार में ‘साउथ चाइना सी’ में चीन की गतिविधियों की आलोचना की है। साउथ चाइना सी के क्षेत्र पर चीन का कब्ज़ा अवैध होने का आरोप बोल्टन ने लगाया है था। साथ ही इस समुद्री क्षेत्र में चीन की दादागिरी का अमरिका सामना करने वाला है और अमरिका की भूमिका को ब्रिटन, ऑस्ट्रेलिया और अन्य मित्र देशों से सहकार्य मिलने की घोषणा बोल्टन ने की है। इस विरोध को प्रदर्शित करने के लिए अमरिका, ब्रिटन और ऑस्ट्रेलिया के युद्धपोत इस समुद्री क्षेत्र से यात्रा करने वाले हैं, ऐसा भी बोल्टन ने कहा था।

‘शीतयुद्ध’, नौसेना सहकार्य, स्कॉट मोरिसन, साउथ चाइना सी, धमकी, ऑस्ट्रेलिया, चीन, ब्रिटनबोल्टन की इस घोषणा के बाद मोरिसन ने ‘साउथ चाइना सी’ में अमरिका की भूमिका का स्वागत किया था। उसीके साथ ही इस क्षेत्र में चीन के सैन्यकरण की भी मोरिसन ने आलोचना की थी। ऑस्ट्रेलिया के रक्षामंत्री ‘ख्रिस्तोपर पेन’ ने भी समुद्री तथा हवाई परिवहन की आजादी की सुरक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया की भूमिका बदलने वाली नहीं है और ‘साउथ चाइना सी’ के अन्य देशों के अधिकारों को ऑस्ट्रेलिया समर्थन देगा ऐसा कहा था। पिछले हफ्ते में जापान और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा और विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बैठक में भी ‘साउथ चाइना सी’ में चीन के सैन्यकरण की आलोचना की है।

ऑस्ट्रेलिया की मोरिसन सरकार की भूमिका पर चीन के मुखपत्र ने आपत्ति जताई है। ‘साउथ चाइना सी के बारे में चीन की कार्रवाइयां नए शीतयुद्ध के संकेत देने वाली हैं और ऑस्ट्रेलिया ने अमरिका को लगे इस मानसिक रोग से दूर रहना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया भी इस शीतयुद्ध में शामिल हुआ तो क्या परिणाम होंगे, इसके बारे में ऑस्ट्रेलिया के नेता पहले से ही सोचेंगे तो अच्छा होगा। अमरिका के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया ने चीन के खिलाफ कदम उठाए तो वह ऑस्ट्रेलिया के भले के लिए नहीं होगा’, ऐसी धमकी चीन के मुखपत्र ने दी है।

दौरान, ‘साउथ चाइना सी’, व्यापार युद्ध और उत्तर कोरिया की समस्या को लेकर अमरिका और चीन के बीच इन दिनों तनाव निर्माण हुआ है। इसमें से साउथ चाइना सी में अमरिका ने चीन के खिलाफ अपनाई भूमिका को समर्थन देकर ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटन और जापान इन देशों ने अपने युद्धपोत रवाना किए थे। चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच बड़ा व्यापारी सहकार्य है और ‘साउथ चाइना सी’ में चीन के दावे को ऑस्ट्रेलिया ने चुनौती दी तो यह सहकार्य टूट जाएगा, ऐसी चेतावनी चीन दे रहा है।

लेकिन चीन की आक्रामक नीतियों से ऑस्ट्रेलिया को सर्वाधिक खतरा है, ऐसा ऑस्ट्रेलियन नेताओं का कहना है। समय पर ही इसके खिलाफ उचित कदम नहीं उठाए गए तो ऑस्ट्रेलिया को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है, इसका एहसास ऑस्ट्रेलिया को हुआ है।