अर्थव्यवस्था की गिरावट हुई तो भी चिंता नही, लेकिन ईरान एटमी कार्यक्रम से वापसी नही करेगा – ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयातुल्लाह खामेनी

Third World Warतेहरान: ‘अमरिका के कठोर प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था ढह गई तो भी कोई बात नहीं, परंतु ईरान परमाणु कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा| ईरान अपनी सुरक्षा सज्जता बढ़ाता जाएगा’, ऐसी घोषणा ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह खामेनी ने की हैं| साथ ही अमरिका के प्रतिबंधों के कारण ईरान आत्मनिर्भर बनने का दावा खामेनी ने किया हैं|

ईरान में हाल ही में ही ‘नवरोज’ मनाया गया था| ईरानी नए साल के अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए खामेनी ने ईरान की अर्थव्यवस्था संकट में होने की कबूली दी हैं| अमरिका के प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था को जोरदार झटके लगने का खामेनी ने स्वीकार किया हैं| ‘अमरिका के प्रतिबंधों का सबसे अधिक झटका ईरान की जनता को लगते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पढ़ रहा हैं’, ऐसा खामेनी ने कहा हैं|

अर्थव्यवस्था, गिरावट, चिंता नही, ईरान, एटमी कार्यक्रम, वापसी नही, सर्वोच्च धार्मिक नेता, आयातुल्लाह खामेनीईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा और गंभीर खतरा निर्माण हो गया हैं| ईरान की मुद्रा ‘रियाल’ की हुई गिरावट सबसे अधिक चिंताजनक होते हुए इस कारण सकल राष्ट्रीय उत्पादकता भी गिरती जा रही हैं| परंतु अर्थव्यवस्था गिरने पर भी ईरान परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल निर्माण के कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा, ऐसा खामेनी ने स्पष्ट किया हैं| साथ ही सन २०१५ में हुए परमाणु समझौते पर भी ईरान दृढ़ रहेगा, ऐसा खामेनी ने जाहिर किया हैं|

अमरिका में बदले नेतृत्व के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर यह संकट आने का बता कर खामेनी ने अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प पर टीका हैं| परंतु जनता ने प्रयत्न किया तो ईरान संकट से बाहर निकल सकेगा, ऐसा विश्वास खामेनी ने व्यक्त किया हैं|

‘ईरान की अर्थव्यवस्था सुधारनी हो तो जनता आगे बढ़कर इस साल राष्ट्रीय उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रयत्न करें’, ऐसा आवाहन ईरान के सर्वोच्च नेताओं ने किया हैं| खामेनी के समान ईरान के राष्ट्राध्यक्ष हसन रोहानी ने भी देश पर आर्थिक संकट के लिए अमरिका तथा इस्रायल और सौदी अरब जिम्मेदार होने का आरोप किया था| साथ ही ईरान की जनता इन देशों को बद्दुआ देकर अपना असंतोष दर्ज करें, ऐसा आवाहन किया था|

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने दिए जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष ईरान की अर्थव्यवस्था ने भारी मात्रा में मुद्रास्फीति का अनुभव होते हुए ऐसी ही परिस्थिति कायम रही तो सन २०१९ में ईरान की सकल राष्ट्रीय उत्पादकता ३.६ प्रतिशत तक गिरने की चेतावनी दी थीं| अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने ईरान के साथ परमाणु समझौते से पीछे हटने का जाहिर करने के पश्चात पिछले १२ महीनों में ईरान की अर्थव्यवस्था कठिन परिस्थिति से गुजरने का कहा जाता हैं|

ईरान से इंधन की खरीदारी करने वाले उच्चतर देश अमरिका के प्रतिबंधों के पश्चात वर्णित सहयोग से पीछे हट गए हैं| वर्णित प्रतिबंधों के बाद भी ईरान के साथ सहयोग शुरू रखने वाले जापान ने भी आने वाले अप्रैल महीने से ईंधन की आयात बंद करने के संकेत दिए हैं| मई महीने में अमरिका ईरान पर नए प्रतिबंध लगने वाला है| इस्रायल की यात्रा पर दाखिल हुए अमरिका के विदेश मंत्री ने ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की हैं| परमाणु कार्यक्रम तथा खाड़ी में अस्थिरता निर्माण करने वाले ईरान पर आर्थिक और राजकीय दबाव बढ़ाए जाएंगे, ऐसा पोम्पिओ ने सूचित किया है| इस पृष्ठभूमि पर जापान जैसे देश भी ईरान के साथ सहयोग से पीछे हटते दिखाई दे रहे हैं|

दौरान, ईरान की आर्थिक मुश्किल सूलझाने में रोहानी सरकार को असफलता प्राप्त हुई है, ऐसा आरोप करके पिछले कुछ महीनों से ईरान में जनता, व्यापारी और श्रमिक प्रदर्शन कर रहे हैं| सरकार पर नाराज होने वाले इन प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्राध्यक्ष रोहानी तथा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की थीं| साथ ही खामेनी के शासन को ध्वस्त करने की घोषणा भी प्रदर्शनकारियों ने दी थीं| इस कारण ईरान में आम जनता में भी अपनी सरकार के विरोध में असंतोष बढ़ने का दिखाई देता हैं|