इराक के चुनाव में मुक्तदा अल-सद्र अग्रणी पर

बगदाद: इराक में हुए चुनाव में वोटों की गिनती शुरू होते हुए मुक्तदा अल सद्र इनके समर्थकों ने जल्लोष शुरू किया है। अल सद्र अग्रणी पर होने की बात स्पष्ट होने पर समर्थकों ने उनके विजय का यकीन होने से यह जल्लोष शुरू किया है। दूसरे क्रमांक पर हादी अल अमीरी होकर हालही के प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी तीसरे क्रमांक पर होने की जानकारी प्रसिद्ध हुई थी। इस चुनाव में अल सद्र खड़े नहीं थे, फिर भी उनका गट विजयी हुआ है और इस नेता की तरफ इराक की सत्ता फिर से आएगी ऐसा दावा किया जा रहा है।

इराक में हुए इस चुनाव में ईरान ने अल अमीरी इनके पीछे अपना समर्थन दिया था। ईरान के साथ परमाणु करार से अमरिका ने वापसी करने के बाद इस क्षेत्र में विस्फोटक परिस्थिति निर्माण हुई है। ऐसी परिस्थिति में इराक और ईरान के संबंधों को बहुत महत्व मिल रहा है और इसकी वजह से इराक में चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इस चुनाव में ईरान समर्थक सरकार सत्ता पर आई, तो इराक विषय के अमरिका की धारणा पूर्ण रूप से बदल सकती है। तथा अमरिका को मंजूर होने वाली सरकार इराक में प्रस्थापित हुई, तो ईरान के लिए वह बहुत बड़ी चुनौती होगी ऐसा विश्लेषकों ने ध्यान केंद्रित किया है।

मुक्तदा अल-सद्र, अग्रणी, इराक, चुनाव, विजय, बगदाद, जल्लोषइस चुनाव में अग्रणी पर होने वाले गट के नेता अल सद्र ने इराक के कट्टर समर्थक धार्मिक नेता ऐसी पहचान बनाई है। मुक्तदा अल सद्र इनके महदी आर्मी इस इराक में प्रबल शस्त्र संघटना ने अमरीकन तथा ब्रिटेन के सैनिकों को खत्म किया था। पर पिछले कई वर्षों में इराक में परिस्थिति पूर्ण रूप से बदली है और मुक्तदा अल सद्र इनके भूमिका में बड़े बदलाव हुए हैं। शियापंथियों के आक्रामक नेता होने वाले अल सद्र ने इससे पहले भी ईरान समर्थक एवं अमरिका तथा सऊदी अरेबिया के विरोध को पीछे फेंकने की बात दिखाई दे रही है।

मुक्तदा अल सद्र में कई महीनों पहले सऊदी अरेबिया को भेंट दी थी। इस भेंट की वजह से अल सद्र पहले जैसे ईरान समर्थक नहीं रहे, ऐसा निष्कर्ष विश्लेषकों ने जताया था। इराक में चुनाव में भी उन्होंने उनका प्रतिबिंब दिखाई दे रहा है। ईरान के अल सद्र इन के बदले अल अमीरी को पसंद करके उन्हें उनके पीछे समर्थन दिया था। पर उन्हें पीछे करते हुए अल सद्र इनका गट इस चुनाव में आगे आता दिखाई दे रहा है। इस निर्णय का सबसे बड़ा परिणाम इस क्षेत्र में होने के संकेत पहले से ही दिखाई दे रहे हैं।

मुक्तदा अल सद्र इस चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर खड़े नहीं थे। इसकी वजह से वह किसी भी महत्वपूर्ण पद पर नहीं हो सकते, ऐसा कहा जा रहा है। पर ऐसा होते हुए भी उनके गट को मिली सफलता मैं इराक में स्थापन होने वाले सरकार के असली सूत्रधार मुक्तदा अल सद्र के हात होंगे, ऐसा विश्लेषक कह रहे हैं। इसलिए अल सद्र आने वाले समय में केवल इराक ही नहीं तो इस क्षेत्र के गतिविधियों पर प्रभाव डालने वाले नेता ठहरेंगे ऐसे दावे अभी से किए जा रहे हैं।

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