अंडमान-निकोबार द्विपों पर रक्षा की तैयारी के लिए बडा प्रावधान

नई दिल्ली/बीजिंग – अंडमान-निकोबार द्विपों पर रक्षा की तैयारी एवं सेना के लिए बुनियादी सुविधाओं का विकास करने के लिए केंद्र सरकार ने ५,६५० करोड रुपयों का प्रावधान किया है| इस वजह से इस द्विपों पर भारतीय नौसेना की युद्धपोत, लडाकू विमान एवं ड्रोन्स, मिसाइल और सैनिक अधिक संख्या में तैनात करना मुमकिन होगा| हिंद महासागर क्षेत्र में चीन अपना वर्चस्व बनाने के लिए तेजी से कदम बढा रहा है, तभी भारत ने किया यह निर्णय ध्यान आकर्षित करता है|

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कुछ दिनों पहले, भारती नौसेना ने अंडमान-निकोबार द्विपों पर ‘आईएनएस कोहासा’ यह नया अड्डा कार्यान्वित किया था| इस अड्डे का निर्माण चीन की गतिविधियां सामने रखकर होने के दावे प्रसिद्ध हुए थे| इस पर चीन से प्रतिक्रिया भी प्राप्त हुई थी| चीन की नौसेना की हिंद महासागर क्षेत्र में शुरू गतिविधियों का उद्देश्य इस समुद्री क्षेत्र की यातायात सुरक्षित करना ही है, ऐसा चीन के सामरिक विश्‍लेषक ‘डिंग हाऊ’ इन्होंने कहा था| ‘डिंग हाऊ’ चीन के लष्कर से जुडे अभ्यास गुट के उप प्रमुख है|

हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की गतिविधियों पर कोई भी आशंका उपस्थित ना करे, यह चेतावनी भी हाऊ इन्होंने दी थी| लेकिन, भारत के साथ ‘इंडो-पैसिफिक’ समुद्री क्षेत्र में दुसरा कोई भी देश चीन की गतिविधियों पर भरोसा करने को तैयारी नही| इस समुद्री क्षेत्र में चीन अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए ही आक्रामक कदम बढा रहा है, यही इन देशों का कहना है| इसी लिए इस विरोध में लष्करी गठबंधन बनाने की कोशिश शुरू हुई है| खास तौर पर हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की नौसेना कर रही आक्रामक गतिविधियों से भारत को बडा खतरा हो सकता है|

इस पृष्ठभुमि पर अंडमान-निकोबार कमांड के लिए भारतीय नौसेना ने ‘आईएनएस कोहासा’ यह अड्डा विकसित किया| उसके बाद केंद्र सरकार ने अंडमान-निकोबार द्विपों पर रक्षा की तैयारी बढाने के साथ ही सेना के लिए बुनियादी सुविधाओं का विकास करने हेतू ५,६५० करोज रुपयों का प्रावधान करने की तैयारी की है| यह प्रावधान १० वर्षों के लिए होगा, यह बताया जा रहा है| रक्षा बलों की विशेष समिती ने इस योजना का आकलन किया| इस समिती में अध्यक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल और तिनों रक्षा बलों के प्रमुख शामिल थे|

‘आईएनएस’ कोहासा’ के पहले ‘आईएनएस बाज’ और ‘आईएनएस कामोत्रा’ यह अड्डे भी नौसेना ने कार्यान्वित किए है| पिछले महीनें में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन इन्होंने अंडमान-निकोबार द्विपों पर बने इन अड्डों की यात्रा की थी|