इटली एवं यूरोपीय महासंघ संघर्ष के दहलीज पर – अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों की चेतावनी

वाशिंगटन / ब्रूसेल्स / रोम: इटली के प्रधानमंत्री गिसेप कौंट इनके नेतृत्व में स्थापित हुए संगठित सरकार ने कर कटौती के साथ सार्वजनिक खर्च में बढ़त करने का निर्णय घोषित किया है। इस निर्णय की वजह से देश पर कर्ज का बोझ अधिक बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं और यह बात यूरोपीय महासंघ को झटका देनेवाली है एवं दोनों पक्ष में संघर्ष भड़केगा ऐसा वातावरण अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने व्यक्त किया है। जी७ गट का सदस्य होने वाला इटली यूरोपीय महासंघ के तीसरे क्रमांक का सबसे बड़ा वित्त व्यवस्था होनेवाला यह देश अगर गिरा तो महासंघ का अस्तित्व खतरे में आ सकता है, ऐसी आशंका विविध विशेषज्ञ एवं अभ्यासको से जताई जा रही है।

यूरो चलन महासंघ का वर्चस्व एवं शरणार्थियों के विरोध करनेवाले फाइव स्टार मूवमेंट और लेगा इस दोनों पक्ष से एकत्रित हुई इटली सरकार स्थापित हुआ है। इस संगठन में सरकार स्थापित करने के बाद प्राधान्य क्रम घोषित किया है और इसमें शरणार्थियों को बाहर खदेड़ना, कर कटौती, पेंशन योजना शुरू करना एवं सार्वजनिक खर्च में बढ़ोतरी का समावेश है। इटली में इससे पहले भी सरकार ने महासंघ के आदेशानुसार कर में बढ़ोतरी करके सरकारी खर्च में कटौती करने की धारणा कार्यान्वित की थी। पर नई सरकार ने महासंघ के आदेश के अनुसार काम करने से इंकार करके स्वतंत्र धारणा कार्यान्वित करने का निर्णय लिया है।

इटली, यूरोपीय महासंघ, संघर्ष, दहलीज पर, अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों, चेतावनी, वाशिंगटन, ब्रूसेल्स, रोमइटली के वित्त व्यवस्था के उपर फिलहाल ढाई सौ अरब यूरो का कर्ज होकर यह प्रमाण जीडीपी के १३२ प्रतिशत है। प्रधानमंत्री गिसेप कौंट ने घोषित किए निर्णय की वजह से इस में अधिक बढ़ोतरी होने की आशंका होकर आर्थिक नुकसान भी बड़ी तादाद में होने के संकेत मिल रहे हैं। इटली के नए सरकार ने महासंघ की तरफ कर्ज में सहूलियत मिले एवं अथवा रद्द किया जाए ऐसे स्वरूप की मांग करने की बात कही जा रही है।

पर महासंघ में अग्रणी का सदस्य देश होने वाले जर्मनी ने इटली के नए सरकार की मांग स्पष्ट रूप से ठुकराई है। यूरोपीय महासंघ के सदस्य देश मतलब कर्ज का महासंघ नहीं, ऐसे शब्दों में जर्मन चांसलर मर्केल ने इटली के मांग से इंकार किया है। यूरोजोन में देशों ने अन्य देशों को सहायता करने की क्षमता होनी चाहिए, ऐसी सलाह देते हुए इटली के नए सरकार के साथ चर्चा करने के संकेत उन्होंने दिए हैं।

इस पृष्ठभूमि पर बीएनवाय मेलोन अंतर्राष्ट्रीय वित्तसंस्था के व्यवस्थापकीय संचालक एवं चीफ स्ट्रेटजीस्ट साइमन डेरिक ने इटली एवं महासंघ में जल्द ही संघर्ष भड़केगा, ऐसी चेतावनी दी है। दोनों पक्ष से अपनी रणभूमि निश्चित की जा रही है। इटली तथा महासंघ क्या कर रहे हैं इसकी पूर्ण कल्पना एक दूसरों को है ऐसे शब्दों में डेरिक के आने वाले संघर्ष के संकेत दिए हैं। साथ ही क्या इटली असफल होने का खतरा महासंघ स्वीकारेगा? यह सबसे बड़ा प्रश्न होने का दावा भी उन्होंने किया है।

महासंघ में तीसरी क्रमांक की वित्त व्यवस्था से असफल होना यूरोप को सहन नहीं होगा और उसके दीर्घकालीन परिणाम यूरोप को सहने होंगे, इसका महासंघ को एहसास होकर वर्ष के आखिर तक इटली के लिए वित्तीय सहायता की योजना तैयार होगी, ऐसा दावा साइमन डेरीक ने किया है।