इराकी सेना ने मोसुल को ‘आईएस’ की चंगुल से छुड़ाया – इराकी प्रधानमंत्री की घोषणा

 

बगदाद, दि. १० : राजधानी बगदाद के बाद इराक के सबसे महत्वपूर्ण माने जानेवाले ‘मोसुल’ शहर पर इराकी सेना ने अपना कब्ज़ा कर लिया है।मोसुल को ‘आईएस’ से मुक्त किए जाने की घोषणा इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने की है।इसके लिए प्रधानमंत्री अबादी मोसुल में दाखिल हुए थे।इराकी सेना की इस जीत का अमरिका, ब्रिटन, फ़्रांस और ईरान ने स्वागत किया है।लेकिन मोसुल के कई इलाकों में अभी भी इराकी सेना और आईएस के बीच मुठभेड़ चल रही है।

कुछ घंटों पहले घोषणा की गई थी की इराकी सेना मोसुल की जीत के बहुत ही करीब है।उसके बाद रविवार दोपहर को इराकी प्रधानमंत्री अबादी ने मोसुल शहर को भेंट देकर सेना के ‘ऑपरेशन रूम’ में जाकर मोसुल के हालात की जानकारी ली और इराकी सेना ने आईएस के खिलाफ अच्छा कारनामा करने की घोषणा की।इराकी सेना के इस कारनामे की वजह से ही मोसुल पर कब्ज़ा पाना मुमकिन हुआ, ऐसा उन्होंने कहा।अबादी ने आगे कहा की,‘अभी भी मोसुल के एक से दो इलाकों में मुठभेड़ शुरू है और सेना ने आईएस के आतंकवादियों को घेर लिया है।जिस की वजह से जल्द ही पूरे मोसुल पर जीत हासिल होगी।’ मोसुल की यह जीत सेना के साथ साथ इराकी जनता की भी है ऐसा अबादी ने कहा।

प्रधानमंत्री मोसुल में दाखिल होने से पहले ही इराकी सेना ने जश्न मनाना शुरू कर दिया था।लेकिन इस जश्न के दौरान भी मोसुल के कई इलाकों में हवाई हमले जारी थे।सोमवार को भी मोसुल के कई इलाकों से मुठभेड़ की खबरें सामने आई हैं।

मोसुल पर हमला करने के बाद आईएस के आतंकवादियों ने शहर से भागकर ‘तिग्रीस’ नदी में छलांग लगाने की जानकारी इराकी सेना ने दी।भागनेवाले इन आतंकवादियों को इराकी सेना ने मार गिराया है।

दौरान, मोसुल शहर राजधानी बगदाद से ४०० किलोमीटर की दूरी पर है। जिसे इराक का सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक शहर माना जाता है।चार साल पहले आईएस ने ‘खिलाफत’ की घोषणा करने के बाद सीरिया के राक्का को राजधानी और इराक के मोसुल शहर को उपराजधानी घोषित किया था।इस शहर पर ‘आईएस’ की बढती पकड़ इराक सरकार के लिए सिरदर्द बन रही थी।इसी लिए मोसुल पर कब्ज़ा करते हुए इराकी सेना ने आईएस को बड़ा झटका दिया है।

‘आईएस’ ने इन शहरों में अपनी हार को मान लिया है।लेकिन चाहे कुछ भी हो जाए मोसुल शहर को इराकी सेना के हाथ में न देने का दावा ‘आईएस’ आतंकवादियों नें किया है। इसीलिए इराकी सेना की मोसुल की जीत बहुत ही मायने रखती है।