भारत ‘यूएई’ का साझीदार देश है – यूएई की ईंधन कंपनी के प्रमुख का ऐलान

नई दिल्ली – ‘‘संयुक्त अरब अमीरात’ (यूएई) भारत की ओर केवल ईंधन खरीदार देश के तौर पर नही देखता| बल्कि भारत यह हमारा साझीदार देश होने का भरोसा ‘यूएई’ रखता है’, ऐसा ‘अबूधाबी नैशनल ऑयल कंपनी’ (एडीएनएओसी) के सीईओ एवं ‘यूएई’ के मंत्री ‘सुल्तान अहमद अल जबेर’ इन्होंने कहा है| ‘यूएई’ भारत की ईंधन क्षेत्र में तेजी से निवेश बढाने की तैयारी कर रहा है और भारत में अपने ईंधन का भंडार करने के लिए भी उत्सुक है, ऐसा ‘अल जबेर’ इन्होंने स्पष्ट किया|

नई दिल्ली में फिलहाल ‘पेट्रोटेक’ परीषद शुरू है और इस में प्रमुख ईंधन कंपनीयां शामिल हुई है| इस परीषद की वजह से ईंधन आयात करने में तीसरें स्थान पर रहनेवाले भारत के साथ साझीदारी करने के लिए यह ईंधन कंपनीयां एवं ईंधन निर्यातदार देश उत्सुक होने की बात इस अवसर पर स्पष्ट हुई है| इस पृष्ठभूमि पर ‘एडीएनओसी’ के सीईओ और यूएई के मंत्री सुल्तान अहमद अल जबेर इन्होंने अपने देश की नीति में भारत को अहम स्थान होने की बात स्पष्ट की| यूएई भारत की ओर केवल ईंधन खरीदी करनेवाला ग्राहक देश के तौर पर नही देखता| बल्कि, भारत यह हमारा साझीदार देश होने का भरोसा यूएई रखता है, यह दावा अल जबेर इन्होंने इस दौरान किया|

महाराष्ट्र के रत्नागिरी में निर्माण हो रहे ईंधन शुद्धिकरण और पेट्रोकेमिकल परियोजना में सउदी अरेबिया की अरॅमको एवं यूएई की ‘एडीएनओसी’ कंपनी कूल ५० प्रतिशत निवेश कर रही है, ऐसा बताया जा रहा है| लगभग ४४ अरब डॉलर्स लागत की इस परियोजना में निवेश करने के मुद्दे पर बातचीत शुरू है, यह जानकारी अल जबेर इन्होंने इस दौरान दी| साथ ही भारत में इंधन का भंडार करने के लिए यूएई तैयार है, यह कहकर इस मुद्दे पर भी भारत के साथ चर्चा होने की जानकारी अल जबेर इन्होंने दी|

कर्नाटक के मंगळुरू और पदूर एवं आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टणम् में भारत इंधन के भंडार का निर्माण कर रहा है| आपातकाल के दौरान ईंधन के यह भंडार इस्तेमाल होंगे और इन भंडारों से लगभग दस दिन ईंधन की आपुर्ति करना मुमकीन होगा|

इन जगहों पर विदेशी ईंधन कंपनीयों को इंधन रखने की अनुमति भारत देगा| लेकिन, आपात परिस्थिति के दौरान भारत को इन्हीं भंडार से ईंधन की आपुर्ति करने की शर्थ भारत ने रखी है|

फिलहाल इन भंडारों में लगभग ५३ लाख टन ईंधन रखना मुमकिन है| ‘यूएई’ इस ओर अहम अवसर के तौर पर देखता दिखाई दे रहा है| ईंधन की खरीद करनेवाला विश्‍व का तिसरे क्रमांक का देश बने भारत में ‘यूएई’ अपने साझीदार देश के हैसियत से देख रहा है और यह साझीदारी विकसित करने के लिए यूएइ, सउदी अरेबिया और कुवैत इन देशों में स्पर्धा होती दिख रही है|