भारत रशिया से ४६४ ‘टी-९०’ टैंक की खरीद करेगा

नई दिल्ली/मास्को – भारतीय सेना ने ‘टी-९० भीष्म’ इस प्रगत टैंक की रेजिमेंट पश्‍चिम सीमा पर तैनात करने का प्लैन किया है| इसके लिए रशिया से करीबन ४६४ ‘टी-९० भीष्म’ टैंक की खरीद होगी| इन टैंक का निर्माण भारत में ही होगा| भारत यह निर्णय क रहा है तभी पाकिस्तान भी रशिया से ‘टी-९०’ टैंक प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है|

भारत ने पिछले कुछ महीनों में रक्षा दलों को प्रगत और तैयार करने के लिए तेजीसे कदम बढाना शुरू किया है| इसके तहेत अमरिका, इस्रायल, रशिया जैसे देशों से शीघ्रता से हथियारों की खरीद शुरू की है| रशिया से प्रगत रायफल्स, हेलिकॉप्टर्स और हवाई सुरक्षा यंत्रणा के साथ अब टैंक की खरीद करने की जानकारी सामने आ रही है|

रशियन ‘टी-९०’ टैंक भारतीय सेना का मुख्य आधार के तौर पर पहचान बना चुका है और इसके आगे इस टैंक ने सबसे अच्छी कामगिरी दर्ज की है| इस वजह से भारतीय सेना ने ‘टी-९०’ की प्रगत आवृत्ती ‘भीष्म’ इस नाम से विकसित की है और इसका इस्तेमाल पाकिस्तान के विरोध में करने का प्लैन है| वर्तमान में भारतीय सेना के बेडे में एक हजार से भी अधिक ‘टी-९०’ टैंक मौजूद है और इसके अलावा स्वदेशी निर्माण के १२४ ‘अर्जुन’ टैंक और २,४०० ‘टी-७२’ टैंक भी है|

वर्ष २००१ के बाद भारत ने रशिया से करीबन हजार ‘टी-९०’ टैंक खरीदे थे| इनमें से ६५० टैंक रशिया में बनकर भारत लाए गए थे| बाकी के टैंकों का निर्माण भारत में ही किया गया था| इसके अलावा भारत को ४६४ ‘टी-९०’ टैंक की जरूरत है और यह टैंक अधिक क्षमता रखते होंगे, यह कहा जा रहा है| यह टैंक रात के अंधेरे में भी जंग करने की क्षमता रखेंगे, यह दावा किया जा रहा है|

भारतीय सेना में यह ‘४६४’ टैंक वर्ष २०२२ से २०२६ के बीच सक्रिय होंगे, इस वजह से भारतीय सेना की मारक क्षमता में काफी बढोतरी होगी| इससे डरे पाकिस्तान ने भी रशिया से ‘टी-९०’ टैंक खरीद ने के लिए बातचीत शुरू की है| लेकिन, पाकिस्तान की इस कोशिश को रशिया से ज्यादा प्रतिसाद प्राप्त नही हुआ है| रशिया ने पाकिस्तान को हथियार और रक्षा सामान की आपुर्ति की तो उसका इस्तेमाल भारत के ही विरोध में किया जाएगा, इस बात पर भारतने समय समय पर रशिया का ध्यान आकर्षित किया है|