सोने के दामों में प्रति औंस १,३०० डॉलर्स तक बढोतरी

Third World Warन्यूयॉर्क/लंडन: अमरिका की सेंट्रल बैंक ‘फेडरल रिझर्व्ह’ की बैठक एवं अमरिका-चीन व्यापार युद्ध की पृष्ठभुमि पर सोमवार के दिन सोने के दरों में उछाल दिखाई दिया| इस दौरान सोने के दामों ने प्रति औंस (३१ ग्रैम) १३०० डॉलर्स के स्तर पर जा पहुंचे| इस उछाल के साथ ही सोने के दामों ने नया सर्वोच्चांक दर्ज किया| सोने के दाम १,३०० डॉलर्स तक उछलने का यह पिछले सात महीनों में पहला अवसर है|

अमरिकी फेडरल बैंक मंगलवार के दिन बैठक करेगी| इस बैठक में व्याज दरों के संबंधी निर्णय होगा और इस समय अमरिकी फेडर व्याज दर स्थिर रखेगी, यह अंदाजा व्यक्त किया जा रहा है| लेकिन, पिछले चार वर्षों में फेडरल रिझर्व्ह ने चार बार व्याज दरों में बढोतरी की है और इस पर अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प इन्होंने कडी नाराजगी व्यक्त की थी| वर्ष २०१९ में फेडर रिझर्व्ह सिर्फ दो बार व्याज दरों में बढोतरी करेगी, ऐसे संकेत सूत्रोंने दिए है| अमरिकी डॉलर से जुडी बन रही अस्थिरता की पृष्ठभुमि पर सोने की मांग में बढोतरी हो रही है और इसी वजह से सोने के दामों में यह उछाल दिखाई दे रहा है, ऐसे दावे हो रहे है|

सोने, दामों, प्रति, औंस, १,३०० डॉलर्स, बढोतरी, न्यूयॉर्क, लंडनडॉलर संबंधि अनिश्‍चितता के साथ ही अमरिका और चीन के बीच शुरू व्यापार युद्ध के संबंध में भी इस हफ्तें में चर्चा होनी है| यह चर्चा भी सोने के दामों में बढोतरी होने का एक कारण होने की बात कही जा रही है| अमरिकी राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प इन्होंने चीन के साथ व्यापारी संघर्ष में हल प्राप्त होने के संकेत दिए है, फिर भी चीन के विरोध में आक्रामक नीति में किसी भी तरह से नरमी दिखाई नही जाएगी, यह स्पष्ट किया है|

इसी बीच चीन को आर्थिक स्तर पर प्राप्त हो रहे झटकों की वजह से सत्तारूढ कम्युनिस्ट हुकूमत बेचैन है और अमरिका के साथ व्यापारी समझौता उनके लिए बडा दिलासा साबित हो सकता है| लेकिन, समझौता करते समय अमरिका ने रखी मांगों का स्वीकार करना सत्तारूढ हुकूमत के लिए मुश्‍लिक बात साबित हो रही है| इस वजह से अमरिका और चीन का समझौता होने की घटिका लगातार आगे जा रही है| इससे सामने आ रही अस्थिरता भी सोने के दामों के उछाल के लिए जिम्मेदार हो रही है, यह दावा विश्‍लेषकों ने किया है|

इस दौरान, सोने की बाजार की शीर्ष संगठन वल्ड गोल्ड काऊंसिल का रपट हाल ही में प्रसिद्ध हुआ है और इसमें वर्ष २०२९ में सोने की मांग में हो रही बढोतरी कायम रहने की संभावना जताई है| साथ ही २०१८ में हुए निवेश पर सबसे अधिक लाभ देने वाले घटकों की सुचि में सोने का समावेश रहा है, यह दावा भी इस रपट में किया गया है|