गोलान पहाडी इस्रायल के पास ही रहेगी – प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्यान्याहू

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जेरूसलेम – ‘गोलान पहाडी इस्रायल का अविभाज्य हिस्सा है और इसके आगे भी उस पर इस्रायल का सार्वभौम अधिकार रहेगा| गोलान पर इस्रायल के अधिकार से कोई भी इन्कार नही कर सकता|’ ऐसा ऐलान इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहून ने की|

रशिया के समर्थन की वजह से बल इकठ्ठा करते हुए सीरिया ने कुछ हफ्ते पहले गोलान यह अपना हिस्सा है, ऐसा दावा करते हुए संयुक्त राष्ट्रसंघ के पास अपील किया था| सीरिया की इस दावेदारी को ईरान ने समर्थन दिया था| इस से पहले भी गोलान पहाडी के मसले पर राष्ट्रसंघ में बातचीत और मतदान हुआ था| इस मतदान में अमरिका, ऑस्ट्रेलिय और यूरोपीय दोस्त राष्ट्रों ने इस्रायल को गोलान का हक छोडने का आवाहन किया था| अमरिका के बराक ओबामा प्रशासन ने इस मामले में सक्रिय भूमिका ली थी|

पर दो दिन पहले राष्ट्रसंघ में हुए मतदान में अमरिका की राजदूत निक्की हॅले ने इस्रायल का गोलान पर हक मानते हुए सीरियन प्रस्ताव के खिलाफ मत डाला| राष्ट्रसंघ की बैठक में गोलान के मसले पर इस्रायल की साथ देनेवाले अमरिका का, प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने आभार व्यक्त किया| साथ ही गोलान पहाडी पर का इस्रायल का हक कोई भी छिन नही सकता, ऐसा करारा जवाब भी इस्रायली प्रधानमंत्री ने दिया|

जल्द ही गोलान पहाडी पर सीरिया का कब्जा होगा, ऐसा ऐलान सीरिया के राष्ट्राध्यक्ष बशर अल अस्साद ने पश्‍चिमी माध्यमों से बात करते वक्त किया था| गोलान पहाडी के कब्जे के लिए सीरिया जल्द फैसेला करेगा, ऐसी चेतावनी भी अस्साद ने दी थी| कुछ हफ्ते पहले हिजबुल्लाह के आतंकवादी और ईरान के सैनिकों ने सीरियाई गोलान पहाडियों के हिस्से में सैनिकी तैय्यारी शुरु करने की जानकारी भी सामने आयी थी|

सन १९६७ के जंग में इस्रायली सेना ने सीरिया से गोलान पहाडी का कब्जा कर लिया था| सीरिया द्वारा यह हिस्सा वापिस हमें मिलना चाहिए, ऐसी मॉंग की गयी थी| पर इस्रायल ने उसे नकारा था| अमरिका में राष्ट्राध्यक्ष बराक ओबामा के कार्यकाल में, इस्रायल सन ६७ के पहले की सरहदों पर सुलह करे और गोलान पहाडियों का कब्जा छोड दे, ऐसा प्रस्ताव दिया गया था| पर जंग हुई तो भी चलेगी लेकिन इस्रायल गोलान पहाडियों का कब्जा नही छोडेगी, ऐसी चेतावनी उस वक्त प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने दी थी|

रशिया के सैनिकी समर्थन की वजह से सीरिया के आत्मविश्‍वास दुगना हो चुका है| लेकिन फिर भी इस्रायल गोलान के मामले में पिछे नही हटेगा, ऐसा करारा जवाब प्रधानमंत्री नेत्यान्याहू ने फिर एक बार दिया है|

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