रशियन सीमा के निकट तैनात फ्रान्स के टैंक इस्टोनिया में ‘नाटो की तैनाती’ का हिस्सा

Third World Warतालिनन/मास्को: नाटो ने रशिया के विरोध में धारणा के भाग के तौर पर बाल्टिक देशों में तैनाती बढ़ानी शुरू की है| नाटो का सदस्य देश होनेवाले फ्रान्स ने रशियन सीमा से जुड़े हुए इस्टोनिया में ३०० सैनिकों के साथ टैंक एवं सशस्त्र वाहनों का समावेश होनेवाली टुकड़ी तैनात की है| यह टुकड़ी आनेवाले ४ महीने, रशियन सीमा के पास तैनात रहेगी, ऐसी जानकारी फ्रान्स से दी गई है|

रशियन सीमा, निकट, तैनात, फ्रान्स, टैंक, इस्टोनिया, नाटो की तैनाती, हिस्सापिछले कुछ महीनों से नाटो एवं रशिया में बना तनाव फिर एक बार बढ़ना शुरू हुआ है| रशिया ने युक्रैन के जहाज एवं नौसैनिकों पर की हुई कार्रवाई के बाद नाटो ने इस भाग में लष्करी तैयारी की गति बढ़ाई है| नाटो के सदस्य देश होनेवाले यूरोपीय देशों की लष्करी टुकड़ियां, मिसाइल, टैंक की तैनाती एवं युद्धाभ्यास पर जोर दिया जा रहा है|

पिछले हफ्ते में नाटो ने ब्लैक सी में ‘सी शिल्ड-२०१९’ इस नौसेना अभ्यास का आयोजन किया था| इस अभ्यास में नाटो के मैरिटाइम ग्रुप टू के साथ ६ देशों के २५ युद्धनौका एवं लड़ाकू विमान शामिल हुए थे| नोटों का यह अभ्यास रशिया को संदेश देने के लिए होने की बात मानी जा रही है|

रशियन सीमा, निकट, तैनात, फ्रान्स, टैंक, इस्टोनिया, नाटो की तैनाती, हिस्साइस्टोनिया में हुई तैनाती उसी का भाग है| रशियन सीमा से जुड़े हुए इस्टोनिया में फ्रान्स के साथ ब्रिटेन के सैनिक भी तैनात किए गए हैं| नाटो की इस आक्रामकता को प्रत्युत्तर देने के लिए रशिया ने ब्लैक सी में अपनी तैयारी अधिक बढ़ाने का निर्णय लिया है|

रशियन नौसेना के ब्लैक सी फ्लीट एवं साउथ मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट ने युद्ध नौकाओं के साथ पनडुब्बियॉं, मिसाइल डिफेंस सिस्टम एवं लड़ाकू विमान की तैनाती बढ़ाई है| रशिया के उप विदेशमंत्री एलेग्जेंडर ग्रुश्को ने यह जानकारी दी है| नाटो की लष्करी तैनाती प्रतिदिन रशियन सीमा के अधिक से अधिक निकट पहुंच रही है| इस वजह से रशिया भी सुरक्षा के लिए कदम उठाने पर विवश हुआ हैं, ऐसा ग्रुश्को ने कहा है| यह तैनाती नाटो एवं रशिया में तनाव अधिक बढ़ानेवाली हो सकती है| नाटो की लष्करी तैनाती बढ़ाते समय अमरिका के प्रगत विध्वंसक यूएसएस रौस रशिया के पास ब्लैक सी सागरी क्षेत्र में दाखिल हुई है|