रशिया-जर्मनी दरमियान बन रही ‘नॉर्ड स्ट्रीम २’ पाइपलाइन पर यूरोपीय महासंघ की नजर

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरब्रुसेल्स/बर्लिन – रशिया और जर्मनी के बीच निर्माण किए जा रहे ‘नॉर्ड स्ट्रीम-२’ इस महत्वाकांक्षी ईंधन पाइपलाइन पर इसके आगे यूरोपीय महासंघ नजर रखेगा| शुक्रवार के दिन हुई यूरोपीय महासंघ की बैठक में इस पर सहमती बनी| इस मुद्दे पर फ्रान्स ने जर्मनी के विरोध में भूमिका अपनाकर यह परियोजना रोकने की धमकी दी थी| लेकिन, आखरी समय पर फ्रान्स और जर्मनी में हुए समझौते के बाद फ्रान्स ने इस मुद्दे पर किया विरोध पीछे लिया है, ऐसा सामने आ रहा है|

नॉर्ड स्ट्रीम-२’ के द्वारा रशिया से सीधा जर्मनी तक नैसर्गिक ईंधन वायू की आपुर्ति की जाएगी और इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ११ अरब डॉलर्स की लागत होगी| रशिया और जर्मनी इन दोनों देशों ने यह परियोजना काफी अहम होने की बात रेखांकित की है और संबंधी देशों के राष्ट्रप्रमुख ने इसका लगातार जिक्र किया है| इस पाइपलाइन की वजह से जर्मनी को रशिया से बडी मात्रा में ईंधन की सप्लाइ शुरू होगी|

लेकिन, यह परियोजना युक्रैन के साथ यूरोपीय देशों के लिए खतरा होगी और इस माध्यम से रशिया यूरोपीय देशों को नोंक पर रख सकता है, ऐसा डर पोलंड के साथ कई अन्य देश जता रहे है| इस वजह से महासंघ ने इस मुद्दे पर आक्रामक भूमिका अपनाई है और यह परियोजना युरोप की ‘एनर्जी सिक्युरिटी’ क्षेत्र का हिस्सा होना चाहिए, यह मांग की थी| शुक्रवार दे दिन हुई बैठक में इस मुद्दे को मंजूरी दी गई और अब इस परियोजना पर रशियन कंपनी के साथ ही युरोप का भी कब्जा रहेगा|

यूरोपीय देशों पर रशिया अपना प्रभाव बढाएगा, ऐसी चिंता अमरिका ने भी जताई है| अमरिका ने शुरूआत से ‘नॉर्ड स्ट्रीम-२’ परियोजना को विरोध किया था| युक्रैन को नजरअंदाज करके रशिया जर्मनी को ईंधन की आपुर्ति करने के लिए पाइपलाइन का निर्माण कर रही है| इस पर भी अमरिका ने जोरदार आपत्ति जताई थी| अमरिकी संसद में इस परियोजना पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है|

जर्मनी में नियुक्त अमरिकी राजदूत रिचर्ड ग्रेनेल इन्होंने एक जर्मन माध्यम को दी मुलाकात में, ‘नॉर्ड स्ट्रीम-२’ में शामिल हुई कंपनीयों पर हमेशा खतरा बना रहेगा, यह चेतावनी दी है| इन कंपनीयों पर अमरिका किसी भी क्षण प्रतिबंध घोषित कर सकती है, ऐसी धमकी ग्रेनेल इन्होंने इस दौरान दी थी|