सदस्य देश ही यूरोपीय महासंघ को खत्म करने की तैयारी में बजट कमिश्नर गुंथर ओटिंगर की चेतावनी

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तर

ब्रूसेल्स – यूरोपीय महासंघ के अस्तित्व खतरे में आया है और कुछ सदस्य देश ही महासंघ को कमजोर करने का और खत्म करने का प्रयत्न कर रहे हैं, ऐसी सनसनीखेज चेतावनी बजट कमिश्नर गुंथर ओटिंगर ने किया है। उस समय उन्होंने पोलैंड, हंगरी, रोमानिया एवं इटली इन सदस्य देशों के नाम उजागर करने से खलबली फैली हुई है। उस समय रशिया के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन, तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष रेसेप एर्दोगन एवं चीन जैसे देश भी महासंघ के लिए खतरा होने का दावा ओटिंगर ने किया है।

कुछ दिनों पहले इटली सरकार ने शरणार्थियों के मुद्दे पर यूरोपीय महासंघ का बजट रोककर उन्हें चेतावनी दी थी। इटली प्रतिवर्ष महासंघ को लगभग २० अरब यूरोप के निधि देती है। पर उसके बदले में महासंघ से योग्य सहयोग न मिलने का दावा इटली के नेताओं ने किया था। उस समय शरणार्थियों के अन्य देशों में भेजने के मुद्दे के बारे में इटली की मांग तत्काल मंजूर करने की एक शर्त भी इटली सरकार ने आगे की थी।

पर महासंघ के अधिकारियों ने इटली की मांग स्पष्ट शब्दों में ठुकराए हैं और इटली सरकार ने किए दावे पर भी सवाल निर्माण किए हैं। ओटिंगर ने इटली के दावे ठुकराए थे। उस समय महासंघ का बजट रोकना किसी भी सदस्य देश के हित का ना होने की चेतावनी दी थी। पोलैंड ने भी शरणार्थियों के तथा अंतर्गत हस्तक्षेप के मुद्दे पर महासंघ के बजट रोकने के संकेत दिए थे।

हंगेरी ने शरणार्थियों की समस्या के मुद्दे पर महासंघ में बदलाव करने की मांग की है और हंगेरी ने इस संदर्भ में किए उपाय योजनाओं का वित्तीय सहायता प्रदान करना ऐसा आग्रह किया है। पर महासंघ ने ऐसी यह मांग ठुकराई थी। चीन आर्थिक बल के जोरपर महासंघ में अनेक सदस्य देशों को अपने पक्ष में मोड़ने का प्रयत्न कर रहा है, ऐसा आरोप इससे पहले भी किया जा रहा था। तथा रशिया के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन यूरोप में शरणार्थियों की समस्या का फायदा उठा रहे हैं और यूरोप में बाए गट को बल देने का दावा किया जा रहा था।

बजट कमिश्नर ओटिंगर ने अपने विधान में चीन, रशिया अथवा तुर्की के बारे में अधिक जानकारी देने की बात टाली है।