रशियन नौसेना के पास अमरिका और यूरोप के इन्टरनेट को तोड़ने की क्षमता – ब्रिटेन के रक्षा दल प्रमुख का इशारा

लंडन: अपारंपरिक और जानकारी युद्ध में वर्चस्व प्राप्त रशिया, यूरोप और अमरिका के बिच के इन्टरनेट को तोड़कर दोनों महाद्वीपों के बिच का संपर्क साथ ही व्यापार खंडित कर सकता है, ऐसा सनसनीखेज इशारा ब्रिटेन के रक्षादल प्रमुख ने दिया है। रशियन नौसेना का अटलांटिक महासागर में दिखाई देना बढ़ गया है और रशियन जंगी जहाज और पनडुब्बियां समंदर के नीचे से जाने वाली ‘इन्टरनेट केबल्स’ तोड़कर दोनों महाद्वीपों के बिच व्यवहार रोक सकते हैं, ऐसा ब्रिटिश रक्षादल के प्रमुख एअरचीफ मार्शल सर स्टुअर्ट पीच ने अपने इशारे में कहा है। ब्रिटेन के ‘पालिसी एक्सचेंज’ इस अभ्यास समूह की नई रिपोर्ट में भी इस इशारे की पुष्टि की गई है और उसका उल्लेख ‘न्यू फेनोमेनन ऑफ़ वारफेयर’ ऐसा किया गया है।

अमरिका और यूरोपीय देशों के साथ दुनिया भर के इन्टरनेट के इस्तेमाल के लिए समंदर के नीचे गहरी में लगभग २१३ ‘केबल सिस्टम्स’ डाले गए हैं। दुनिया भर में लगभग ८ लाख ७७ हजार १२१ किलोमीटर लम्बे ‘फायर केबल’ के माध्यम से इन्टरनेट कार्यरत होता है। दैनंदिन इन्टरनेट व्यवहार में से ९७ प्रतिशत व्यवहार इस केबल यंत्रणा पर निर्भर है। हर दिन इस माध्यम से करीब १० लाख करोड़ डॉलर्स का आर्थिक व्यवहार होता है। लेकिन इतनी महत्वपूर्ण केबल यंत्रणा की सुरक्षा के लिए वैश्विक स्तरपर अभी भी उचित और व्यापक यंत्रणा नहीं बनाई गई है।

इस वास्तव की तरफ ध्यान खींचकर ब्रिटिश अधिकारी ने रशिया की बढती समुद्री गतिविधियों का मुद्दा उपस्थित किया है। रशियन नौसेना ने पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण का कार्यक्रम जारी किया है और जंगी जहाज और पनडुब्बियों का अटलांटिक महासागर और यूरोप के पास अपना अस्तित्व बढाया है, इसका एहसास स्टुअर्ट पीच ने कराया है। रशिया के पास अपारंपरिक और जानकारी युद्ध लड़ने की बड़ी क्षमता है, इसका भी उन्होंने विशेष उल्लेख क्या है।

‘समंदर के नीचे स्थित केबल्स की सुरक्षा को खतरा है और उससे अपने दैनंदिन व्यवहार को बड़ा झटका लग सकता है। अगर केबल्स काटी गईं तो अमरिका और यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था को जबरदस्त बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस वजह से ब्रिटेन और नाटो सदस्य देशों ने इस बात की तरफ मुख्यरूप से ध्यान देना चाहिए’, ऐसा ब्रिटिश रक्षादल प्रमुख ने अपने इशारे में स्पष्ट किया है।

ब्रिटेन के ‘पालिसी एक्सचेंज’ इस अभ्यास समूह ने भी ‘अंडरसी केबल्स’ इस मुद्दे पर स्वतंत्र रिपोर्ट प्रसिद्द की है और अपारंपरिक युद्ध के हिस्से के तौर पर रशिया इन्टरनेट केबल्स तोड़ सकता है, ऐसा इशारा दिया है।