होर्मुझ की खाडी की गतिविधियों की पृष्ठभूमि पर एटमी समझौते के मुद्दे पर ईरान की अंतिम चेतावनी

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरतेहरान  – ‘होर्मुझ’ की खाडी में दो ईंधन टैंकर्स पर हुए हमलें ईरान ने ही करवाए, यह आरोप अमरिका कर रही है| ऐेसे में, ईरान से उसपर अलग ही प्रतिक्रिया दर्ज की है| वर्ष २०१५ के परमाणु समझौते का पालन ईरान एक तरफा नही करेगा, यह कहकर ईरान के राष्ट्राध्यक्ष हसन रोहानी ने इस परमाणु समझौते पर अंतिम चेतावनी दी है| अमरिका और अमरिका के खाडी क्षेत्र के मित्रदेश ईरान पर कार्रवाई करने की तैयारी में होते हुए ईरान के राष्ट्राध्यक्ष ने दिया यह इशारा ध्यान आकर्षित करता है|

दो ईंधन टैंकर्स पर हुए हमलों के पीछे ईरान ही है और अमरिका ने इससे जुडा व्हिडीओ भी प्रसिद्ध किया था| राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प, विदेशमंत्री माईक पोम्पिओ और रक्षामंत्री पॅट्रिक शॅनन इन्होंने ईरान पर कडे आरोप लगाए है| साथ ही अमरिका ने अपनी दो प्रगत युद्धपोत ईरान की दिशा में भेजी है| इससे पहले भी अमरिका की विमान वाहक युद्धपोत ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ को ईरान के विरोध में तैनात किया गया है| इस वजह से अमरिका अब ईरान पर दबाव बढा रही है और अमरिका के नेता ईरान पर लष्करी कार्रवाई की संभावना ठुकराई नही जा सकती, यह दावे कर रहे है|

लेकिन, अमरिका ने रखे आरोप ईरान ने ठुकराए है और इसके पीछे अमरिका की साजिश होने का आरोप ईरान के नेता कर रहे है| अमरिका आक्रामक गतिविधियां कर रही है और ताजिकिस्तान की यात्रा कर रहे ईरान के राष्ट्राध्यक्ष ने पुरी दुनिया का ध्यान आकर्षित करनेवाला सूचक वक्तव्य किया है| ‘वर्ष २०१५ में हुए परमाणु समझौते का पालन करने की जिम्मेदारी अकेले ईरान की नही है| अन्य देशों ने भी इस समझौते का पालन करने का दावित्व निभाया नही तो ईरान इस समझौते से बाहर निकलेगा’, यह चेतावनी राष्ट्राध्यक्ष रोहानी ने दी है| ‘ईरान इस समझौते का पालन करें, यह इच्छा है तो सभी देशों ने इस समझौते को लेकर सकारात्मक संदेश देने होंगे’, यह अपेक्षा ईरान के राष्ट्राध्यक्ष ने व्यक्त की|

अलग शब्दों में ईरान के विरोध में आक्रामक राजनयिक एवं लष्करी रणनितियों को परमाणु समझौता तोडकर उत्तर दिया जा सकता है, यही बात ईरान के राष्ट्राध्यक्ष आगे रख रहे है| इससे पहले भी ईरान ने युरेनियम का संवर्धन बढाने की धमकी देकर अपने विरोध में गए देशों को कडी चेतावनी दी थी| ‘होर्मुझ’ की खाडी में जारी घटनाओं का दाखिला देकर कोई ईरान के विरोध में हरकत करता है तो उसके परमाणु नतिजे दिखाई देने की संभावना है, यह कडी चेतावनी ईरान से अपने शत्रुदेशों के साथ मित्रदेशों को भी दी जा रही है|

इस दौरान, ट्रम्प प्रशासन की ईरान विरोधी नीति की वजह से युद्ध शुरू होने की संभावना बढ रहे है और ऐसे में अमरिका में ट्रम्प को रोकने के लिए कुछ सिनेटर्स ने कोशिश शुरू की है| ईरान का प्रतिस्पर्धी देश होनेवाले सौदी अरब को बडी तादाद में हथियार और स्मार्ट बम की तकनीक देने की तैयारी अमरिका ने रखी है, इससे जुडी खबरें प्राप्त हो रही है| येमन में हमलें करके मानवाधिकार का हनन कर रहे सौदी को ट्रम्प प्रशासन से प्राप्त हो रही सहायता वास्तव में ईरान के विरोध में अपनाई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है| इसे इन सिनेटर्स का विरोध है| इसके अलावा ईरान के साथ किए परमाणु समझौते से पीछे हटने का ट्रम्प प्रशासन का निर्णय भी इन सिनेटर्स को मंजूर नही है| ऐसी स्थिति में ट्रम्प को रोकने के लिए इन सिनेटर्स ने कोशिश शुरू करने का दावा कुछ अमरिकी समाचार पत्र कर रहे है|

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