३४. इस्रायल के लिए नया राजा चुनने की तैयारी

३४. इस्रायल के लिए नया राजा चुनने की तैयारी

सौल ने सॅम्युएल की भविष्यवाणी सुनी ही थी और शान्त मन से उसका स्वीकार भी किया था। लेकिन ‘वह’ दिन आने तक उसपर सौंपा गया काम वह निष्ठापूर्वक करेगा, ऐसा उसने तय किया था। इस कारण फिलिस्तिनियों पर विजय पाकर उन्हें कॅनान प्रान्त से निकाल बाहर कर देने के बाद सौल की नज़र अब कॅनान […]

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सिरिया पर किये हमले के विध्वंसक परिणाम होंगे – रशियन राष्ट्राध्यक्ष की चेतावनी

सिरिया पर किये हमले के विध्वंसक परिणाम होंगे – रशियन राष्ट्राध्यक्ष की चेतावनी

मॉस्को: ‘अमरीका, फ़्रान्स और ब्रिटन ने सिरिया पर किये हमलें यह आक्रमण ही है। ये हमलें यानी संयुक्त राष्ट्रसंघ के नियमों का उल्लंघन है। इससे आंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर विध्वंसक परिणाम हुआ है’, ऐसा कहते हुए रशिया के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमिर पुतिन ने इस हमले का निषेध किया। साथ ही, जिस रासायनिक हमले का बहाना बनाकर अमरीका […]

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अमरिका, फ्रांस एवं ब्रिटन का सिरिया पर हमला

अमरिका, फ्रांस एवं ब्रिटन का सिरिया पर हमला

वॉशिंग्टन: शनिवार प्रात (तड़के) अमरिका ने फ्रांस एवं ब्रिटन के साथ मिलकर सिरिया पर सौ से अधिक क्षेपणास्त्रों का जोरदार हमला कर दिया। ये हमले यशस्वी साबित हुए यह कहकर अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले का जोरदार समर्थन किया। रासायनिक हमले करके अपने देश के निरपराधी नागरिकों एवं बच्चों की बलि लेनेवाले […]

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२१. ‘एक्झोडस्’ – मोझेस की मृत्यु

२१. ‘एक्झोडस्’ – मोझेस की मृत्यु

मोझेस को अपनी ग़लती ध्यान में आ गयी और उसने अपनी ग़लती का तथा ईश्‍वर ने उसके लिए दी हुई सज़ा का भी बिना किसी तक़रार के स्वीकार कर दिया। आरॉन को भी, उसने प्राणिमूर्तिपूजन में हिस्सा लिया इसलिए यही सज़ा ईश्‍वर ने बतायी थी कि वह भी कॅनान की भूमि पर कदम नहीं रख […]

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१८. ‘एक्झोडस्’ – सिनाई पर्वतशिखर से ज्यूधर्मियों को ईश्‍वर के दर्शन

१८. ‘एक्झोडस्’ – सिनाई पर्वतशिखर से ज्यूधर्मियों को ईश्‍वर के दर्शन

इस प्रकार जेथरो के मशवरे के अनुसार दैनंदिन कामों के बँटवारे की व्यवस्था करने के बाद, मोझेस पर होनेवाला बोझ काफ़ी हल्का हो चुका था और सर्वसाधारण ज्यूधर्मियों में भी धीरे धीरे निर्णयक्षमता विकसित होने की दिशा में अब उनका पहला कदम पड़ा था। एक्झोडस् के बाद ज्यूधर्मियों पर धावा बोले पहले मानवी संकट का […]

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१२. मोझेस का इजिप्त वापस लौटना; ‘टेन प्लेग्ज ऑफ़ इजिप्त’

१२. मोझेस का इजिप्त वापस लौटना;  ‘टेन प्लेग्ज ऑफ़ इजिप्त’

मोझेस के सारे बहाने ख़त्म हो चुके थे और ‘ज्यूधर्मियों के इजिप्त की ग़ुलामी से आज़ाद करके, ईश्‍वर द्वारा अभिवचन देकर बहाल की गयी भूमि में (‘प्रॉमिस्ड लँड’ में) उन्हें ले जाने का काम मोझेस को ही करना है’ ऐसा ईश्‍वर ने उसे स्पष्ट रूप से बताया था। साथ ही, ‘मैं सारा समय तुम्हारे साथ […]

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११. मोझेस को ईश्‍वर का दृष्टान्त; ईश्‍वर के नाम का पहली बार उच्चारण

११. मोझेस को ईश्‍वर का दृष्टान्त; ईश्‍वर के नाम का पहली बार उच्चारण

अब मोझेस ४० वर्ष का हो चुका था। अपने अंगभूत सद्गुणों के कारण तथा अपने ज्यूबांधवों के प्रति उसके मन में होनेवाली अनुकंपा के कारण इजिप्त स्थित ज्यूधर्मियों का मानो नायक ही बने मोझेस का मन, अपने ज्यूबांधवों पर तत्कालीन इजिप्शियन लोगों से ढ़ाये जानेवाले कहर के बारे में गंभीरतापूर्वक सोचने लगा था। अपने बांधवों […]

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०७. जोसेफ़ की इजिप्त में रवानगी, वहाँ से कारागृह में

०७. जोसेफ़ की इजिप्त में रवानगी, वहाँ से कारागृह में

कई साल अपने मामा – लॅबान की ग़ुलामी में रहकर जेकब अपने घर कॅनान लौटा था। उसने अपने भेड़ों के बड़े बड़े झुँड़ों के चरने हेतु, पास ही की शेकेम नगरी में अच्छीख़ासी ज़मीन ख़रीद ली। उसके बेटे अब वहाँ की व्यवस्था देखने लगे और वह स्वयं हिब्रॉन में अपने पिता के घर रहने लगा। […]

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०६. जेकब का पुनश्‍च नामकरण

०६. जेकब का पुनश्‍च नामकरण

जेकब तक पहुँचने के बाद लॅबान ने, सपने में भगवान ने दिये आदेश के अनुसार जेकब को कुछ भी हानि नहीं पहुँचायी। लेकिन घर से ग़ायब हुई देवता की मूर्ति के बारे में उसे पूछा। मग़र जेकब को इस माजरे की कुछ भी जानकारी नहीं थी। उसने लॅबान को अपने लोगों की तलाशी लेने की […]

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०५. जेकब का लॅबान के घर वास्तव्य; जेकब की शादियाँ

०५. जेकब का लॅबान के घर वास्तव्य; जेकब की शादियाँ

एसाऊ के मन में जेकब के प्रति होनेवाली बदले की भावना को रिबेका भली-भाँति जानती थी। इस कारण उसने, जेकब के लिए पत्नी की खोज करने का बहाना बनाकर, आयझॅक की अनुमति से जेकब को हरान नगरी स्थित अपने भाई – लॅबान के पास भेज दिया। बीच रास्ते में ही एसाऊ द्वारा भेजे गये हमलावरों […]

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