चीन के बढते प्रभाव की पृष्ठभूमि पर ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री ने की पैसिफिक के ‘सॉलोमन आयलैंड’ की यात्रा

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरकैनबेरा – ‘सॉलोमन आयलैंड यह ऑस्ट्रेलिया के पैसिफिक परिवार का सबसे करीबी सदस्य है| पैसिफिक में प्रभाव बढाने के लिए आपकी मौजुदगी दिखाना जरूरी होता है| इस वजह से चुनाव के बाद मेरी पहली अधिकृत यात्रा ऑस्ट्रेलिया के पडोसी देशों में हो रही है, इस बारे में मुझे संतोष है’, इन चुनिंदा शब्दों के साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन इन्हों ने अपनी ‘सॉलोमन आयलैंड’ की यात्रा शुरू की|

ऑस्ट्रेलिया में हुए चुनाव में ‘लिबरल’ पार्टी के स्कॉट मॉरिसन फिर से प्रधानमंत्री पद के लिए चुने जाने से यह चुनाव चीन के लिए बडा झटका होने की बात समझी जा रही है| मॉसिन इन्होंने अपने प्रधानमंत्री पद के पहले स्तर पर ही चीन के विरोध में आक्रामक निर्णय करके पैसिफिक क्षेत्र में एवं ऑस्ट्रेलिया में भी किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप बर्दाश्त ना करने का स्पष्ट इशारा दिया था| चुनाव के प्रचार के दौरान भी उन्होंने चीन ‘ग्राहक’ होने का वक्तव्य करके खलबली मचाई थी| चीन यह ऑस्ट्रेलिया का सबसे बडा व्यापारी साझीदार होने के बावजूद ऑस्ट्रेलियन नेतृत्व ने किया यह वक्तव्य चीन को अच्छी तरह से सता रहा था|

उसके बाद चीन ने ऑस्ट्रेलिया को व्यापार, निवेश एवं अन्य क्षेत्र के सहयोग को लेकर कडी चेतावनी दी थी| लेकिन, लगातार दुसरी बार बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने मॉरिसन इन्होंने चीन के धमकाने की ओर अनदेखी की है, यह उनकी पहली विदेश यात्रा से स्पष्ट हो रहा है| चीन ने एशिया और एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में अपना प्रभाव बढाने के लिए आर्थिक क्षमता का बडा इस्तेमाल किया था| आर्थिक सहायता के बल पर पैसिफिक क्षेत्र के छोटे देशों को अपने पक्ष में करने के लिए चीन की कोशिश जारी थी|

लेकिन, ऑस्ट्रेलिया के साथ अमरिका, जापान और न्युजीलैंड जैसे देशों ने चीन की इन हरकतों पर कडी आपत्ति जता कर उसे प्रत्युत्तर देना शुरू किया| जापान एवं न्यूजीलैंड ने पैसिफिक क्षेत्र के देशों के लिए कई प्रावधान एवं आर्थिक सहायता करने का ऐलान करके चीन को चुनौती दी थी| साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने भी स्टेप अप पैसिफिक जैसी नीति का ऐलान करके पैसिफिक में चीन के विस्तार को खुली चुनौती दी| मॉरिसन इन्होंने पहली विदेश यात्रा के लिए ‘सॉलोमन आयलैंड’ जैसे देश का चयन करना उसी का हिस्सा है|

रविवार के दिन सॉलोमन आयलैंडस् की यात्रा के लिए राजधानी होनिरा में दाखिल हुए मॉरिसन इन्होंने सोमवार के दिन प्रधानमंत्री मनेसाह सोगावेरे से भेंट की| इस दौरान उन्हों ने अगले दशक के लिए ‘सॉलोमन आयलैंड’ को २५ करोड डॉलर्स की आर्थिक सहयता करने का ऐलान किया| यह सहायता ‘सॉलोमन आयलैंडस्’ में बुनियादी सुविधाओं का निर्माण करने के लिए एवं क्रीडा और रोजगार निर्माण को गति देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा|

चीन की तीन युद्धपोत सिडनी पहुंची

सिडनी – ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री चीन का प्रभाव ठुकराकर पैसिफिक क्षेत्र के देशों को भेंट दे रहे है, ऐसे में चीन की तीन युद्धपोत सोमवार के दिन सिडनी पहुंची| इन युद्धपोतों में प्रगत विध्वंसक के साथ अन्य दो युद्धपोतों का समावेश है| यह युद्धपोत चार दिन ऑस्ट्रेलिया में रहेंगी और इन युद्धपोतों पर चीन के ‘मरिन्स’ के साथ ७०० कर्मचारी एवं सैनिकों की तैनाती होने से ऑस्ट्रेलिया में खलबली मची है| ऑस्ट्रेलिया सरकार ने स्थानिय जनता को इस बारे में पहले सूचित नही किया था, यह दावा प्रसार माध्यमों से किया जा रहा है|

पिछले महीने में ‘साउथ चाइना सी’ क्षेत्र में चीन की विध्वंसकों ने ऑस्ट्रेलियन युद्धपोत का खतरनाक तरीके से पीछा किया था| इस दौरान चीन ने ऑस्ट्रेलियन हेलिकॉप्टर और पायलट पर ‘लेजर’ से हमला किया था, यह दावा भी सामने आ चुका था| पिछले वर्ष से पैसिफिक एवं साउथ चाइना सी में ऑस्ट्रेलिया और चीन की युद्धपोतों में तनाव होने की घटना भी सामने आ चुकी थी| इस पृष्ठभूमि पर चीन के तीन युद्धपोत सीधे ऑस्ट्रेलिया के सिडनी बंदरगाह में आकर रुकना ध्यान आकर्षित कर रहा है|

प्रधानमंत्री मॉरिसन इन्होंने चीन की इन युद्धपोतों की यात्रा पर जादा हल्ला करने की जरूरत नही है, यह कहकर यह मामला और भी लंबा खिंचने से दूर रहना अहम समझा है| ऑस्ट्रेलियन यंत्रणाओं को चीन की युद्धपोतों की इस यात्रा की जनाकारी थी, यह खुलासा भी ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री ने किया है|

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.