‘सिएरा लिओन’ में ‘रेप इमर्जन्सी’ का ऐलान

Third World Warफ्रीटाऊन: यौन उत्पीडन की मात्रा डरावनी तादाद में बढने से ‘सिएरा लिओन’ इस अफ्रीकी देश में आपातकाल का ऐलान किया गया है| वर्ष २०१८ के दौरान सिएरा लिओन में यौन उत्पीडन और हिंसा के कुल ८,५०० अपराध दर्ज हुए थे| इनमें से एक तिहाई घटना छोटे बच्चों से जुडी है| इस वजह से सरकार देश में ‘रेप इमर्जन्सी’ का ऐलान करने पर विवश हुई है और इस परिस्थिति में शीघ्रता से उपाय करने का ऐलान राष्ट्राध्यक्ष ज्युलिअस बिओ इन्होंने किया है| वर्ष १९९१ से २००२ तक ‘सिएरा लिओन’ में जातीय संघर्ष भडक उठा था| इस दौरान यौन उत्पीडन जैसे विकृति का बीज इस देश में गिरा था| इस दौरान यौन उत्पीडन की विकृति ने इस देश में पैर जमाए है, ऐसा स्वयंसेवी संगठनों का कहना है|

सिएरा लिओन, रेप इमर्जन्सी, आपातकाल, ऐलान, ज्युलिअस बिओ, फ्रीटाऊन, ब्रिटेनवर्ष १९९१ में ‘सिएरा लिओन’ में ‘रिव्होल्युशनरी युनायटेड फ्रंट’ इस बागी गुट ने पडोसी देश लायबेरिया की सहायता से देश में तख्ता पलट करने की कोशिश की| उसके बाद शुरू हुआ जातीय संघर्ष अगले ११ वर्ष लगातार शुरू रहा था| संयुक्त राष्ट्रसंघ एवं ब्रिटेन ने हस्तक्षेप करने के बावजूद इस संघर्ष का हल निकालने में सफलता मिली थी| इस जातीय संघर्ष में ५० हजार से भी अधिक लोग बलि हुए थे| इसी दौरान जातीय संघर्ष में शामिल हुए बागियों के कई गुटों ने और सैनिकों की टुकडियों ने देश में महिला एवं बच्चों पर बडी मात्रा में अत्याचार करने की घटनाएं सामने आ रही थी|

इस जातीय संघर्ष में महिला और बच्चों का यौन उत्पीडन हथियारों के माफिक किया गया| तभी से इस देश में उत्पीडन की गंदि संस्कृति फैल रही है, ऐसा इस स्वयंसेवी संगठन का कहना है|

७८ लक्ष जनसंख्या के ‘सिएरा लिओन’ में पिछले कुछ वर्षों में यौन उत्पीडन एवं संबंधी अपराधों की तादाद डरावने तरीके से बढे रही है| वर्ष २०१७ में देश में यौन उत्पीडन के लगभग ४,५०० अपराध दर्ज हुए है और हिंसा का जिक्र होनेवाली ८,५०० से भी अधिक गुनाहों की नोंद हुई है| सिर्फ एक वर्ष के अंतराल में इन अपराधिक मामलों में हुई बढोतरी डरावनी और साथ ही चिंताजनक होने की बात मानी जाती है|

यह स्थिति ध्यान में रखकर राष्ट्राध्यक्ष ज्युलिअस बिओ इन्होंने गुरूवार के दिन एक कार्यक्रम के दौरान यौन उत्पीडन और हिंसा के मुद्दे पर ‘रेप इमर्जन्सी’ का ऐलान किया| यह ऐलान करने के साथ ही उन्होंने बच्चों का उत्पीडन करनेवालों को इसके आगे बक्शा नही जाएगा, ऐसे अपराधियों को उम्रकैद की सजा दी जाएगी, यह भी ऐलान किया|

‘अपने देश के कुछ परिवारों में यौन उत्पीडन की घटना पर खामोशी बरती जाती है या तो ऐसे अपराध नजरअंदाज किए जाते है| लेकिन, इससे पीडितों को होनेवाली तकलीफ और भी बढती है| इस के आगे हम सभी एक होकर एक के तौर पर एकता दिखाएंगे और ऐसी गुनाहों के विरोध में हमें एकता से खडा रहना होगा’, इस शब्दों में राष्ट्राध्यक्ष बिओ इन्होंने इमर्जन्सी लगाने का ऐलान किया|