‘आधार कार्ड’ की वजह से ९० हजार करोड रुपयों की बचत – केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली

नई दिल्ली: आधार कार्ड भारत के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित हुआ है, यह कहकर केंद्रीय अर्थमंत्री अरूण जेटली इन्होंने आधार कार्ड का इस्तेमाल होने से २०१८ के मार्च तक लगभग ९० हजार कोटी रुपयों की बचत होने की जानकारी दी| यह रकम आयुष्यमान भारत जैसी तीन कल्याणकारी योजना शुरू रखने के लिए काफी होगी, यह जेटली इन्होंने कहा है| साथ ही देश की ९९ प्रतिशत लोगों को आधार कार्ड वितरित किया गया है, यह जानकारी देकर इससे अबतक १,६९,८६८ करोड रुपयों की सहायता गरिबों तक पहुंचाई गई है, यह उन्होंने स्पष्ट किया|

आधार कार्ड, वजह, ९० हजार करोड, रुपयों, बचत, केंद्रीय वित्त मंत्री, अरूण जेटलीआधार कार्ड संबंधी कानून में सुधार करने के लिए रखे विधेयक को लोकसभा ने हालही में मंजुरी दी| बैंक खाता खोलने के लिए या मोबाईल कनेक्शन लेने के लिए किसी पर भी आधार क्रमांक देने की सक्ती नही कर सकते, यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय ने दिया? था| इस पृष्ठभुमि पर केंद्र सरकार ने लोकसभा में आधार संबंधी सुधारित विधेयक मंजूर किया है| लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य रखा गया है|

इस पृष्ठभुमि पर सोशल मीडिया पर लिखे अपने लेख में केंद्रीय अर्थमंत्री ने आधार कार्ड का महत्व रेखांकित किया है| भारत ने आधार कार्ड का इस्तेमाल किया तो हर साल लगभग ७७ हजार करोड रुपयों की बचत होगी, यह जागतिक बैंक ने कहा था| २०१८ के मार्च तक आधार कार्ड की वजह से देश के ९० हजार करोड रुपयों की बचत हुई है, यह स्पष्ट हुआ है| क्यों की सरकारी कल्याणकारी योजना आधार कार्ड से जोडी गई है| इस वजह से बोगस लाभार्थी और कई बार लाभ उठाने वाले बोगस लाभार्थी सुचि से बाहर किए गए| इसके अलावा मध्यस्थता एवं दलालों को प्राप्त हो रहे लाभ भी बंद हुए| इसी वजह से यह ९० हजार करोड रुपयों की बचत होने का दावा करके केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस पर समाधान व्यक्त किया|

आधार कार्ड, वजह, ९० हजार करोड, रुपयों, बचत, केंद्रीय वित्त मंत्री, अरूण जेटलीइस ९० हजार करोड रुपयों की रकम से देश के गरिबों के लिए ‘आयुष्यमान भारत’ जैसी तीन कल्याणकारी योजना चलाना मुमकिन हो सकता है, इस ओर अरूण जेटली इन्होंने ध्यान आकर्षित किया| आधार कार्ड बैंक खाता से जोडने से सरकारी योजना का लाभ सीधे गरिबों को प्राप्त हुआ और इसकी रकम उनके बैंक खाते में जमा हुई| १५ दिसंबर, २०१८ से सरकार की अलग अलग योजनाओं के तहेत मिलने वाली रकम ६३.५२ करोड बैंक खातों में जहा हुई है, यह जानकारी भी केंद्रीय वित्त मंत्री ने रखी| इस प्रकार के तकनीक का इस्तेमाल करके गरिबों तक आर्थिक लाभ पहुंचाने वाला भारत विश्‍व का पहला देश साबित होने का दावा भी वित्त मंत्री जेटली इन्होंने किया|

इस दौरान, विकसनशील अर्थव्यवस्था रहा भारत अपनी जनता को सहुलियत देकर अर्थव्यवस्था कमजोर ना करे, यह मांग अंतरराष्ट्रीय वित्त संस्थाओं से की जाती है| इसके लिए हो रहे लाखों करोडों रुपयों का खर्च भारतीय अर्थव्यवस्था सह नही सकता, इस ओर यह वित्त संस्था ध्यान आकर्षित करती रही है| साथ ही इन सहुलियतों का लाभ गरिबों से ज्यादा अन्य लोग उठा रहे है, यह बात भी अंतरराष्ट्रीय वित्त संस्था समझा रही थी| लेकिन, देश के गरिबों का विचार किया जाए तो भारत ऐसी योजना बंद नही करता, ऐसा कुछ विश्‍लेषकों का कहना था| लेकिन अब आधार कार्ड की वजह से सरकार से दी जा रही आर्थिक सहुलियत का लाभ सीधे लाभार्थीयों तक पहुंचने से इन योजनाओं में होनेवाली धांदली बंद होने की बात स्पष्ट हो रही है, इस परिस्थिति पर केंद्रीय वित्त मंत्री ने ध्यान आकर्षित किया|