अमरिका में ३७६ घुसपैठी शरणार्थियों की गिरफ्तारी – यह सभी सेंट्रल अमरिकी देशों के होने की बात स्पष्ट

Third World Warवॉशिंगटन: अमरिका के राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प देश की सीमा पर होने वाले आक्रमण को रोकने के लिए ‘मेक्सिको वॉल’ की मांग कर रहे हैं और तभी देश में अवैध तरिके से रह रहे घुसपैठियों की संख्या बढ रही है, यह स्पष्ट हो रहा है| कुछ दिनों पहले एरिज़ोना प्रांत में लगभग ३७६ शरणार्थियों ने घुसपैठ करने का सामने आया है और अमरिका के सीमा सुरक्षा दल ने उन्हें गिरफ्तार किया हैं| इन शरणार्थियों ने सीमा पर होने वाली रेत में खड्डे खोद कर घुसपैठ करने की बात छानबीन में सामने आ चुकी हैं|

अमरिका, ३७६ घुसपैठी, शरणार्थियों, गिरफ्तारी, सेंट्रल अमरिकी, देशों, होने, बात स्पष्टपिछले वर्ष नवंबर महीने में होंडुरास इस मध्य अमरिकी देश से निकले हुए हजारों शरणार्थियों का कारवां मेक्सिको के मार्ग से अमरिका में घुसपैठ करने की तैयारी में थे| यह कारवां अमरिका पर आक्रमण होने का दावा करते हुए राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प ने स्वतंत्र अध्यादेश जारी किया था| उसी समय शरणार्थियों की घुसपैठ रोकने के लिए लष्कर भी तैनात किया गया था| ट्रम्प के आक्रमक उपाय योजनाओं के कारण होंडुरास के शरणार्थियों को रोकने में अमरिका की यंत्रणा को सफलता प्राप्त हुई थीं|

परंतु होंडुरास के अतिरिक्त अन्य देशों के नागरिक शरणार्थी बनकर अमरिका में घुसपैठ करने का प्रयत्न करने का सामने आया हैं और एरिज़ोना की यह घटना उसकी पुष्टि करने वाली साबित होती हैं| कुछ ही दिनों पहले एरिज़ोना प्रांत में ‘यूमा’ के पास अमरिका के सीमा सुरक्षा दल ने लगभग ३७६ घुसपैठियों को गिरफ्तार किया था| ये शरणार्थी मध्य अमरिका के ‘ग्वाटेमाला’ देश के होकर उन में लगभग २०० बच्चों का समावेश हैं| अमरिकी सीमा में दाखिल होने के पश्चात ही ये शरणार्थी सीधे सुरक्षा प्रणाली के सामने दाखिल हुए ऐसा बताया जाता हैं|

एरिज़ोना के साथ-साथ न्यू मेक्सिको प्रांत में भी लगभग २५० शरणार्थियों को कब्जे में लेने की घटना सामने आई हैं| इस घटना के कारण राष्ट्राध्यक्ष ट्रम्प से शरणार्थियों के ‘आक्रमण’ के संबंध में होने वाले दावों की स्पष्ट रूप से पुष्टि हो रही हैं|

ट्रम्प ने अमरिका की सीमा पर होने वाले शरणार्थियों का आक्रमण रोकने के लिए ‘मेक्सिको वॉल’ के निर्माण की घोषणा की है और उसके लिए पांच अरबी डॉलर्स जितने धन की मांग की हैं| परंतु डेमोक्रॅट पक्ष ने यह मांग ठुकराने से अमरिका पर ‘शटडाउन’ का संकट बना है और ट्रम्प ने सुरक्षा के मुद्दे पर इस परिस्थिति में पीछे हटने से साफ इन्कार किया हैं|