लीबिया के संघर्ष में २०५ लोगों की बलि – लीबिया की सरकार ने बागियों के विरोध में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई करने की मांग रखी

तृतीय महायुद्ध, परमाणु सज्ज, रशिया, ब्रिटन, प्रत्युत्तरत्रिपोली – लीबिया की राजधानी त्रिपोली पर कब्जा करने के लिए सरकार और विद्रोहियों में शुरू संघर्ष में लगभग २०५ लोगों की जान गई है और हुए सैकड़ों लोग जख्मी हुए हैं| लीबियन विद्रोहियों के त्रिपोली की रियासी हिस्से पर रॉकेट तथा लड़ाकू विमानों से हवाई हमलें शुरू हैं| इस कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लीबियन सरकार ने विद्रोही नेता जनरल ‘खलिफा हफ्तार’ की गिरफ्तारी के आदेश निकालने के साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन विद्रोहियों पर कार्रवाई हो, ऐसी मांग की हैं|

 

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मान्यता होने वाले लीबिया के ‘गव्हर्नमेंट नॅशनल अकॉर्ड’ (जीएनए) से निष्ठावान होने वाले लष्कर और जनरल हफ्तार समर्थक ‘लीबियन नॅशनल आर्मी’ (एलएनए) के विद्रोहियों के संघर्ष में त्रिपोली शहर झुलस रहा हैं, ऐसा दावा अंतरराष्ट्रीय संगठन कर रही है| एलएनए के विद्रोहियों को त्रिपोली पर कब्जा करने के लिए जीएनए के लष्कर तथा रियासी क्षेत्र पर भी हमलें शुरू किए हैं| हफ्तार के विद्रोहियों ने यह आरोप वर्जित करने पर भी यहां के इमारतों में मिले रॉकेट के टुकड़े विद्रोहियों के दावे झूठे होने की बात सिद्ध करती हैं, ऐसा लीबियन यंत्रणा का कहना हैं|

त्रिपोली के दक्षिण के ओर ‘अल-सुआनी’ विभाग में भारी मात्रा में रॉकेट और मॉर्टर के हमलें हुए हैं| त्रिपोली में हुए कुल हमलों में करीबन २०५ लोगों की जान गई है और ९१३ लोग जख्मी हुए हैं| पिछले दो सप्ताह में २५ हजार से अधिक सोद त्रिपोली से विस्थापित हुए है| ऐसे में बढ रहे रॉकेट हमलों के कारण पिछले २४ घंटों में साढे चार हजार लोगों ने त्रिपोली छोड़ने का दावा अंतरराष्ट्रीय संगठन कर रही हैं| इन रॉकेट हमलों के साथ ‘एलएनए’ के विमान भी त्रिपोली पर हवाई हमलें कर रहे हैं और ‘संयुक्त राष्ट्रसंघ’ और ‘जागतिक आरोग्य संगठन’ (हू) ने शुरू की मदद पहुंचाने में बाधा निर्माण हो रही हैं|

इस संघर्ष में भी लीबियन जनता तक मेडिकल मदद पहुंचाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात करने का हू ने कहा हैं| साथ ही विद्रोहियों के त्रिपोली में रियासी क्षेत्र पर हो रहे हमलें युद्ध अपराध साबित होते हुए (एलएनए) के प्रमुख को इस कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में खिंचने की आवश्यकता होने की जानकारी हू दी है| तो राष्ट्रसंघ का समर्थन होने वाले लीबिया के लोक नियुक्त ‘जीएनए’ सरकार ने भी हफ्तार को गिरफ्तार किया जाए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय विद्रोहियों पर कार्रवाई करे, ऐसी मांग की हैं|

लीबिया के संघर्ष की पृष्ठभूमि पर संयुक्त राष्ट्रसंघ के सुरक्षा परिषद में कुछ ही घंटों पहले ब्रिटेन ने संघर्ष बंदी का प्रस्ताव रखा था| लीबिया के दोनों गुट संघर्ष बंदी लागू करते हुए वार्तालाप के लिए एक साथ आए, ऐसा प्रस्ताव ब्रिटेन ने रखा था| इसे संयुक्त राष्ट्रसंघ ने अनुमोदन भी दिया था| सुरक्षा परिषद के स्थाई सदस्य होने वाले अमरिका, रशिया ने संघर्ष बंदी के लिए यह योग्य समय नहीं होने का बता कर यह प्रस्ताव वर्जित किया था| इस प्रस्ताव में लीबिया के संघर्ष के लिए हफ्तार को जिम्मेदार कहा गया है और यह स्वीकार नहीं होने की बात रशिया ने स्पष्ट करके इसपर विरोध किया था| वही, अमरिका ने अपने विरोध से संबंधित खुलासा नहीं किया हैं|

दौरान, अमरिका लीबियन सरकार के पक्ष में हैं| तो रशिया, अरब देश और यूरोप के कुछ देश लीबियन विद्रोहियों का समर्थन कर रहे हैं| कुछ ही दिनों पहले हफ्तार ने रशिया, सऊदी अरेब को भेंट दी थीं| फ्रान्स भी अफ्तार का साथ देने का आरोप लिबियन सरकार कर रही हैं्| लिबिया के इस संघर्ष में रशिया के अनुबंधित सैनिक ‘एलएनए’ विद्रोहियों को सहयोग करने की जानकारी इससे पहले भी सामने आई थीं| तो अमरिका के बलबूते पर अपनी सरकार लीबिया में फिर सत्ता पर आएगी, ऐसा दावा इस सरकार के नेता कर रहे हैं|